बेवजह सड़कों पर घूम रहे लोगों की अब खैर नहीं, रतलाम में हुई सुपर 100 गर्ल्स की तैनाती!

कोरोनाकाल में लोगों पर जिस तरह से संकट आया है जीवन जीने का नया तरीका भी लोगों ने अपनाया है. 

बेवजह सड़कों पर घूम रहे लोगों की अब खैर नहीं, रतलाम में हुई सुपर 100 गर्ल्स की तैनाती!
सुपर100 गर्ल्स,रतलाम

चंद्रशेखर सोलंकी/रतलाम: एक दूसरे की मदद करने के लिए लोग आगे आ रहे हैं. रतलाम में कोरोनाकाल में जहां सम्पन्न लोग अपने सामर्थ्य से लोगों की मदद कर रहे हैं. वहीं गरीब बस्तियों की बेटियां भी अब कोरोनाकाल में अपनी सेवा देकर पुलिस के साथ सहयोग कर रही हैं. ये बेटियां रतलाम की पुलिस विभाग द्वारा तैयार की गई मिशन सुपर 100 बेटियां हैं.

इन बेटियों की मदद कर इन्हें ट्रेनिंग करवाकर पुलिस भर्ती के लिए तैयार किया गया जा रहा है. फिलहाल पुलिस भर्ती कोरोनाकाल में नहीं हो रही. लेकिन इन बेटियों ने अब अपनी ट्रेनिंग का सदुपयोग कोरोना काल में अपनी सेवा देकर करने की ठानी है.

सुपर 100 गर्ल्स की ड्यूटी
इन सुपर 100 गर्ल्स में से 50 बेटियां इन दिनों सड़कों पर हैं और बेवजह लॉकडाउन में घरों से बाहर घूमने वालों को रोक कर टोक रहीं. वे लोगों को जागरूक कर घर पर रहने और मास्क लगाने की सलाह देते  हुए पुलिस की हेल्प कर रही हैं. शहर के हर चौराहे पर ये बेटियां इन दिनों कोरोना काल में सड़कों पर पुलिस के साथ ड्यूटी दे रही हैं. इन बेटियों ने खुद प्रशासान के साथ मदद की सहमति दी. जिसके बाद एसपी ने इन बेटियों की अलग-अलग चौराहे पर पुलिस टीम के साथ तैनात कर दिया.

कौन हैं ये सुपर 100 गर्ल्स
दरअसल सरकार महिलाओं को पुलिस भर्ती में आगे लाने का प्रयास कर रही है. लेकिन आर्थिक हालात से कमजोर परिवार की बेटियां पुलिस की नौकरी में कम ही जा पाती हैं. ऐसी बेटियों को आगे लाकर रतलाम एसपी ने गरीब बस्तियों की सुपर 100 बच्चियों का चयन कर उन्हें पुलिस भर्ती की तैयारी करवाई. जिन्हें लिखित परीक्षा की कोचिंग के साथ आउट डोर ट्रेनिंग भी दी गई.

ट्रेनिंग कैसे दी गई
गौरव तिवारी एसपी से जब बात की गई तो बताया कि इन सुपर 100 गर्ल्स के बैच को सुबह 6 से 8 बजे तक आउटडोर ट्रेनिंग दी गई. इसके बाद इन्हें पौष्टिक नाश्ता दिया जाता. उसके बाद इनकी कोचिंग क्लास भी शुरू की गई. इसके लिए बाहर से भी शिक्षक हायर किये गए थे. जिनके माध्यम से इन्हें ट्रेनिंग दी जा रही थी. ये सुपर 100 गर्ल्स, असल में गरीब बच्चियां हैं. जिनके घरों में बिजली तक नहीं है. कच्चे मकानों में रहती हैं. माता पिता मजदूरी कर जैसे तैसे परिवार का भरण पोषण कर पाते हैं.

जयश्री, सुपर 100 की एक बेटी ने बताया कि फिलहाल कोरोना काल मे पुलिस भर्ती प्रक्रिया बन्द है और ये सुपर 100 बैच की बेटियां भी घर पर थीं. लेकिन इन बेटियों ने अपनी ट्रेनिंग का सदुपयोग करने और इस महामारी में लोगो के मदद की इच्छा जाहिर की. अंजली पाटीदार, सुपर 100 की ही एक और बेटी ने बताया कि अब ये बेटियां पुलिस की मदद कर चौराहों पर पुलिस के साथ ड्यूटी दे रही हैं. लोगों को बेवजह घरों से बाहर निकलने पर रोक रही हैं जिससे कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम हो सके.

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