आजादी के बाद पहली बार 74 लाख में बनी सड़क, 7 दिन में उखड़ी, बीजेपी नेता पर लगे आरोप

गांव में आजादी के बाद पहली बार बनने वाली सड़क निर्माण का ठेका बीजेपी के कद्दावर नेता व पूर्व जिलापंचायत उपाध्यक्ष कृष्णा परमार की 'परमार कंस्ट्रक्शन' को दिया गया था.

आजादी के बाद पहली बार 74 लाख में बनी सड़क, 7 दिन में उखड़ी, बीजेपी नेता पर लगे आरोप

डिंडौरीः डिंडौरी जिले के लिखनी गांव में आजादी के 73 साल में पहली बार सड़क बनाई गई. इसका ठेका लोकनिर्माण विभाग ने 74 लाख रुपये में परमार कंस्ट्रक्शन को दिया था. ठेकेदार ने गांव में सड़क बनवा भी दी, लेकिन सड़क बनने के 7 दिनों बाद ही खराब हो गई. सड़क की हालत इतनी खराब है कि ग्रामीणों के हाथ से ही सड़क उखड़ रही है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक कृष्णा परमार ने सड़क निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया है.

यह भी पढ़ेंः- मेडिकल में एडमिशन की धोखाधड़ी का पर्दाफाश: कोचिंग से कराते थे पेपर लीक, ऐसे चढ़े हत्थे

जगह-जगह हो गए गड्ढे
लिखनी के गांव वालों ने लोकनिर्माण विभाग के ठेकेदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए बताया कि महज सात दिन पहले बनी सड़क को हाथों से उखाड़ा जा सकता है, सड़क में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं. उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में बेस के नाम पर बड़े-बड़े पत्थरों को बिछा दिया गया और रोलर चलाए बिना ही डामरीकरण कर दिया गया.

पहली बार दो गांवों को जोड़ने के लिए बना थी सड़क
अंग्रेजों से आजादी के बाद पहली बार डिंडौरी जिले के मझियाखार से लिखनी गांव को जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण हुआ था. लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण का ठेका बीजेपी के कद्दावर नेता व पूर्व जिलापंचायत उपाध्यक्ष कृष्णा परमार द्वारा संचालित परमार कंस्ट्रक्शन को दिया था. उनकी कंपनी ने 74 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सड़क का निर्माण पूरा किया, लेकिन सड़क अब खराब नजर आ रही है. 

यह भी पढ़ेंः- इंदौर: मंत्री उषा ठाकुर के खिलाफ थाने में शिकायत देने वाले वनपाल का तबादला

बीजेपी नेता के नाम के कारण नहीं हो रही कार्रवाई
ग्रामीणों ने बीजेपी नेता पर घटिया सड़क निर्माण का आरोप लगाते हुए एसडीएम व कलेक्टर से भी शिकायत की है. उन्होंने बताया कि बीजेपी नेता के रसूख के आगे प्रशासन भी कार्रवाई करने से कतरा रहा है. वहीं जब लोकनिर्माण विभाग के एसडीओ जेपी पटेल से इस बारे में बता की गई. तो वह ठेकेदार का बचाव करते नजर आए, यहां तक कि अधिकारी ग्रामीणों को ही गलत ठहराने लगे. इन सब के बीच गांव में इतने सालों में पहली बार बनी सड़क का हाल तस्वीरों में बेहद खराब नजर आ रहा है.

यह भी पढ़ेंः- शिवराज सरकार ने सप्लीमेंट्री बजट से पहले लिया 1000 करोड़ रुपए का कर्ज, 10वें महीने में 18वां लोन

WATCH LIVE TV