एक मई से मिलेगी रूस की वैक्सीन स्पुतनिक, भारत में साबित हो सकती है गेमचेंजर

भारत में स्पुतनिक वैक्सीन का आना किस कदर अहम है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, स्पुतनिक वैक्सीन की एक डोज ही करीब 88 फीसदी तक प्रभावी है.

एक मई से मिलेगी रूस की वैक्सीन स्पुतनिक, भारत में साबित हो सकती है गेमचेंजर
फाइल फोटो.

नई दिल्लीः देश में एक मई से रूस की वैक्सीन स्पुतनिक -V मिलनी शुरू हो जाएगी. बता दें कि देश में एक मई से 18 प्लस उम्र के लोगों का टीकाकरण भी शुरू हो रहा है. ऐसे में स्पुतनिक वैक्सीन का आना देश के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है. यह वैक्सीन 91 फीसदी तक प्रभावी है. इस तरह देश में तीन वैक्सीन हो जाएंगी. पहले से ही कोविशील्ड और कोवैक्सीन की डोज लोगों को दी जा रही हैं. अब स्पुतनिक वैक्सीन के आने से भारत में वैक्सीनेशन प्रोग्राम में तेजी आएगी. 

सिंगल डोज ही 88 फीसदी प्रभावी
भारत में स्पुतनिक वैक्सीन का आना किस कदर अहम है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, स्पुतनिक वैक्सीन की एक डोज ही करीब 88 फीसदी तक प्रभावी है. साथ ही इस वैक्सीन की दोनों खुराक में जो दवा है, वो अलग-अलग है. यही वजह है कि यह वैक्सीन, वायरस के खिलाफ काफी प्रभावी है. 

भारत में इन तीन वैक्सीन को मिली मंजूरी
भारत में अब तीन वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है. इनमें कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक-V का नाम शामिल है. कोविशील्ड वैक्सीन को एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर बनाया है. इसका उत्पादन भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है. 

कोवैक्सीन का निर्माण भारतीय फार्मा कंपनी भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने साथ मिलकर किया है. 

स्पुतनिक वैक्सीन को रूस के स्वास्थ्य विभाग के मॉस्को स्थित गमेलिया इंस्टीट्यूट और रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड ने मिलकर बनाया है. भारत में भी इस वैक्सीन का ट्रायल हुआ है. भारतीय कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज इसका भारत में ट्रायल में ट्रायल कर रही है. भारत के अलावा दुनिया के 60 देशों में स्पुतनिक वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है. 

अभी कीमत रहेगी ज्यादा
भारतीय बाजार में स्पुतनिक वैक्सीन की कीमत का खुलासा नहीं हुआ है लेकिन दुनिया के विभिन्न देशों में इसकी कीमत 10 डॉलर है. इस कीमत से देखा जाए तो भारतीय बाजार में स्पुतनिक वैक्सीन की कीमत करीब 750 रुपए हो सकती है. इस वैक्सीन को लिक्विड फॉर्म में -18.55 डिग्री सेंटीग्रेड पर और ड्राई फॉर्म में 2-8 डिग्री सेंटीग्रेड पर स्टोर किया जा सकता है.

भारत में ही होगा उत्पादन
स्पुतनिक वैक्सीन की अभी करीब 12.5 करोड़ डोज विदेश से आएंगे. उसके बाद अगली तिमाही डॉ. रेड्डीज लैब की निगरानी में छह कंपनियां मिलकर इस वैक्सीन की करीब 85 करोड़ का उत्पादन करेंगी.