संक्रमण 'दूत': कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद युवक ने शादी की पंगत में परोसा भोजन, 40 हुए बीमार, पूरा गांव सील

युवक की कोरोना जैसी महामारी के प्रति लापरवाही ऐसी रही कि कोरोना पॉजिटिव होने के 8 दिन बाद तक भी वह आराम से गांव में घूमता रहा.

संक्रमण 'दूत': कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद युवक ने शादी की पंगत में परोसा भोजन, 40 हुए बीमार, पूरा गांव सील
फाइल फोटो.

निवाड़ी/आर.बी सिंहः कोरोना महामारी ने पूरे देश में हाहाकार मचाया हुआ है. ऐसे में कुछ लापरवाह लोग इस महामारी के संकट को और बढ़ा रहे हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में एक लापरवाह युवक के चलते गांव के 40 लोग कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे गांव को सील कर दिया है. 

कोरोना पॉजिटिव होने के बाद शादी में हुआ शामिल
घटना निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर के लुहरगुवां गांव की है. यहां रहने वाले एक युवक की कोरोना जैसी महामारी के प्रति लापरवाही ऐसी रही कि कोरोना पॉजिटिव होने के 8 दिन बाद तक भी वह आराम से गांव में घूमता रहा. इतना ही नहीं युवक ने इस दौरान एक शादी समारोह में शिरकत भी की. साथ ही शादी समारोह में आयोजित पंगत में मेहमानों को खाना भी परोसा. बाद में वह बारात में भी शामिल हुआ और वहां जमकर नाचा और दूल्हा-दुल्हन के साथ फोटो भी खिंचवाए. 

शादी समारोह के बाद गांव के लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. जब प्रशासन को इसका पता चला तो आनन-फानन में लोगों की कोरोना जांच कराई गई. जब नतीजे सामने आए तो प्रशासन भी हैरान रह गया. दरअसल गांव में 40 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इनमें से 20 लोग उक्त लापरवाह युवक के मोहल्ले के ही हैं.  

प्रशासन ने पूरे गांव को रेड जोन घोषित किया
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन ने गांव को रेड जोन घोषित कर दिया है. जिसके बाद गांव के अंदर या बाहर किसी भी तरह की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. पुलिस ने गांव के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी है और पुलिसकर्मी भी तैनात कर दिए हैं ताकि गांव में संक्रमण और ना फैलने पाए. स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही है. 

प्रशासन के स्तर पर भी हुई लापरवाही
वहीं इस घटना को लेकर प्रशासन की भी लापरवाही उजागर हो रही है. दरअसल लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब युवक के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हो गई थी तो फिर प्रशासन की तरफ से कोई फीडबैक नहीं लिया गया और ना ही घर पर कोई नोटिस चिपकाया गया, जिससे आसपास के लोग भी सावधान रहते. अब निवाड़ी के कलेक्टर ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.