छत्तीसगढ़ में कोरोना से बिगड़ रहे हालात, इस जिले में मरीजों को नहीं मिल रहे बेड!

बिलासपुर जिले के अस्पतालों में कोरोना के मरीजों की भीड़ इतनी बढ़ती जा रही है कि मरीजों को बेड तक नहीं मिल रहे हैं. 

छत्तीसगढ़ में कोरोना से बिगड़ रहे हालात, इस जिले में मरीजों को नहीं मिल रहे बेड!
फाइल फोटो

बिलासपुरः छत्तीसगढ़ में कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर जिले में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. महामारी के प्रकोप का असर तेजी बढ़ रहा है, महामारी की चपेट में आये लोग अपनी जान बचाने के लिए सीधे वेंटीलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट में जा रहे हैं. जिले में हालात इतने बत्तर है कि ये है कि अस्पतालो में भी अब मरीजों को एडमिट करने की जगह तक नहीं बची है. हालात ये है कि संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सिम्स और जिला अस्पताल के टेस्टिंग सेंटरों और वेटिंग रूम में ही कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज करने पर डॉक्टर मजबूर नजर आ रहे है. क्योंकि अस्पतालों में बेड नहीं बचे हैं. 

फेल हुआ सिस्टम!
बिलासपुर सिम्स अस्पताल के कोविड ओपीडी सेंटर में इतनी भीड़ दिखाई दे रही है कि कोरोना के दहशत की हकीकत बयां हो रही है. कोरोना के बढ़ते मरीज़ो को अस्पताल में बिस्तर तक नसीब नहीं हो पा रहे है. लिहाजा बड़ी संख्या में कोरोना से गंभीर पेशेंट बेड के इंतज़ार में दम तोड़ रहे है. हमारी टीम ने भी सीसीटीवी के जरिए देखा है कि अस्पतालों में कोरोना मरीजों से पूरे बेड भरे पड़े है. डॉक्टर आरती पांडेय (PRO सिम्स) से जब बात की गई तो पता चला कि इधर वार्ड में बेड नहीं होने की वजह से कुर्सियों में ही पेशेंट को ऑक्सीज़न स्पोर्ट पर रखा जा रहा है. अस्पताल का ये मंजर देखकर अंदाज लगाया जा सकता है कि कोरोना किस कदर अपना कहर बरपा रहा है. संक्रमितों को लेकर पहुंचे लोग भी अपनों की जान बचाने के लिए खुद की भी जान जोखिम में डालकर मरीजों के साथ खड़े होकर उनको वार्ड में शिफ्ट करने का इंतजार कर रहे है. कई बार तो परिजन अवसाद में आकर अपनों की जान बचाने के लिए डाक्टरों से भी भिड़ते नजर आ रहे हैं.

अस्पतालों में बढ़ाए जा रहे हैं बेड 
बिलासपुर के कलेक्टर डॉक्टर सारांश मित्तल डॉक्टर सारांश मित्तल(कलेक्टर बिलासपुर) ने बताया कि ये हालत न केवल बिलासपुर में है बल्कि रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव में भी इसी तरह की तस्वीरें निकल कर सामने आ रही हैं. लोग अपनों को बचाने अस्पतालों में बेड के इंतजाम के लिए लगातार वीआईपी, अपने परिचितों को फोन लगाकर मदद मांग रहे है. लेकिन स्थिति ये है किसी का भी एप्रोच काम नहीं आ रहा है. इधर कोरोना संक्रमण की तेज होती रफ्तार और संक्रमितों के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए प्रशासन ने जिला चिकित्सालय बिलासपुर में संचालित डेडीकेटेड कोविड अस्पताल में 50 आक्सीज़न सपोर्टेड बिस्तर बढ़ाने की लगभग पूरी तैयारी कर लिया है. ताकि मरीजों को अच्छा इलाज मिल सके. 

फिलहाल अस्पतालों का ये मंजर देख कर अंदाज लगाया जा सकता है कि कोरोना किस कदर अपना कहर बरपा रहा है.  जरूरत इस बात की है कि अगर लोग सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सेनिटाइजर का नियमों का पालन करें, ताकि इस संक्रमण से खुद को सुरक्षित रखा जा सके.

ये भी देखें: वेंटिलेटर पर सिस्टम ! एंबुलेंस नहीं मिली तो स्ट्रेचर पर शव ले गए परिजन, Video वायरल

WATCH LIVE TV