UP Chunav: अखिलेश यादव का ये दांव BJP पर पड़ सकता है भारी! पूर्वांचल में हो सकता है खेल
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UP Chunav: अखिलेश यादव का ये दांव BJP पर पड़ सकता है भारी! पूर्वांचल में हो सकता है खेल

UP Chunav: 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में ओमप्रकाश राजभर की पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन किया था और भाजपा को इसका फायदा भी मिला था.

UP Chunav: अखिलेश यादव का ये दांव BJP पर पड़ सकता है भारी! पूर्वांचल में हो सकता है खेल

UP Chunav: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कुछ माह का समय ही बचा है. यही वजह है कि राजनैतिक पार्टियां अपनी अपनी चुनावी बिसात बिछाने में जुटी हुई हैं. इसी कड़ी में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी ने बड़ा दांव चल दिया है. अखिलेश यादव का अगर यह दांव चल गया तो पूर्वांचल में BJP के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है! बता दें कि समाजवादी पार्टी ने ओमप्रकाश राजभर के नेतृत्व वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के साथ गठबंधन किया है. बीते दिनों एक रैली के दौरान अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर एक मंच पर दिखाई दिए. इस गठबंधन से सपा को पूर्वांचल में बड़ा फायदा मिल सकता है.

बीजेपी के लिए कैसे बढ़ सकती है परेशानी?
एसबीएसपी पार्टी के कोर वोटर राजभर समुदाय की आबादी यूपी में 3-4 फीसदी है. जनसंख्या के लिहाज से यह कोई बड़ा नंबर नहीं है लेकिन खास बात ये है कि ये जनसंख्या पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में ही रहती है. ऐसे में पूर्वी उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरण में राजभर समुदाय अहम हो जाता है. साथ ही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को राजभर समुदाय के साथ ही कई अन्य पिछड़ी जातियों का भी समर्थन प्राप्त है. ऐसे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की अहमियत काफी बढ़ जाती है. 

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क्या कहते हैं चुनावी आंकड़े?
पूर्वांचल के 18 जिलों में 90 सीटों पर ओमप्रकाश राजभर की पार्टी का प्रभाव है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वाचंल की 25-30 सीटों पर तो राजभर समुदाय की तादाद अच्छी खासी है और इन सीटों पर राजभर समुदाय का समर्थन निर्णायक साबित हो सकता है. 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में ओमप्रकाश राजभर की पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन किया था और भाजपा को इसका फायदा भी मिला था. 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश की 90 सीटों में से 72 सीटों पर जीत दर्ज की थी. वहीं 2012 के विधानसभा चुनाव में यहां 52 सीट जीतने वाली सपा सिर्फ 9 तक सिमट गई थी. 

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चूंकि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी अब भाजपा के साथ नहीं है. ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को पूर्वांचल में इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. कुशीनगर, आजमगढ़, जौनपुर, मऊ, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में एसबीएसपी का अच्छा दबदबा है. ऐसे में अगर सपा और एसबीएसपी  के गठबंधन के बाद राजभर और अन्य पिछड़े वर्ग के वोट सपा को शिफ्ट होते हैं तो यह योगी आदित्यनाथ और भाजपा के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है. 

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