'हम फिर से मिलेंगे'...कारगिल युद्ध के हीरो की इमोशनल Love story, आज भी कैप्टन बत्रा का इंतजार कर रही हैं डिंपल चीमा

डिंपल कहती है कि 'कैप्टन बत्रा के साथ उनका साथ भले ही चार सालों का रहा हो, लेकिन यादें जिंदगी काटने के लिए काफी हैं.

'हम फिर से मिलेंगे'...कारगिल युद्ध के हीरो की इमोशनल Love story, आज भी कैप्टन बत्रा का इंतजार कर रही हैं डिंपल चीमा
कैप्टन विक्रम बत्रा (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: वैलेंटाइन वीक (Valentines week) का आज पहला दिन यानी रोज डे है. आपने अब तक कई लव स्टोरी (Love story) पढ़ी, सुनी और देखी होंगी, लेकिन आज हम आपको को एक ऐसे शख्स की लवस्टोरी से रूब-रू करा रहे हैं, जिस पर देश को गर्व है. आज वो हमारे बीच तो नहीं हैं, लेकिन देश हमेशा ही उन्हें याद करेगा. हम बात कर रहे हैं कारगिल युद्ध (Kargil war) के हीरो विक्रम बत्रा (Vikram batra) की. कारगिल के संघर्ष के बाद कैप्‍टन बत्रा और डिंपल चीमा (Dimple cheema)शादी करने वाले थे, लेकिन 1999 में कैप्टन बत्रा कारगिल में पाक के खिलाफ युद्ध में शहीद हो गए.

कैप्टन बत्रा (Vikram batra) की लव लाइफ पर नजर डालें तो कॉलेज लाइफ में ये लड़का गजब का हैंडसम और इंटेलिजेंट था. पंजाब यूनिवर्सिटी में उसकी मुलाकात डिंपल चीमा नाम की एक लड़की से हुई, साल था 1995. हालांकि इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) में सेलेक्‍शन होने के बाद विक्रम, देहरादून चले गए. कहा जाता है कि पाकिस्‍तान की सेना से 'शेरशाह' का टाइटल हासिल करने वाले और 'ये दिल मांगे मोर' को मशहूर करने वाले कैप्‍टन बत्रा का पहला प्‍यार अगर फौज थी तो उनका दूसरा प्‍यार डिंपल चीमा थीं.

डिंपल को लेकर क्या बोलते थे कैप्टन
एक इंटरव्यू में डिंपल ने बताया था कि 'आर्मी ऑफिसर बनने के बाद दोनों की मुलाकात नहीं हो पाती थी. विक्रम देश सेवा का फैसला कर चुके थे'. इधर डिंपल पर शादी के लिए दबाव बनाया जाने लगा था. इसके बाद जब कभी डिंपल की कैप्टन से बात होती थी तो वे कहते थे कि अपनी पसंद पर ध्यान दो, नहीं तो तुम्हें वो करने पर मजबूर होना पड़ेगा जो तुम्हें मिलेगा'.

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जब अंगूठा काटकर भर दी थी मांग
एक बार दोनों मनसा देवी और गुरूद्वारा श्रीनंदा साहिब के दर्शन के लिए गए थे. इस दौरान जब डिंपल ने शादी की बात की तो कैप्टन बत्रा ने बिना कुछ सोचे समझे ब्लेड से हाथ का अगूंठा काटा और खून से डिंपल की मांग भर दी थी. मुलाकात के बाद दोनों भले ही चार साल साथ रहे, लेकिन डिंपल आज भी कैप्टन बत्रा की यादों को दिल में संजोए हुए हैं.

डिंपल को है ये उम्मीद
डिंपल कहती है कि 'कैप्टन बत्रा के साथ उनका साथ भले ही चार सालों का रहा हो, लेकिन यादें जिंदगी काटने के लिए काफी हैं. वो बताती हैं कि दो दशक गुजर गए, मैने कभी भी अपने आप को उससे अलग नहीं पाया. डिंपल कहती हैं कि उन्हें महसूस होता है कि विक्रम एक पोस्टिंग पर गया है, मुझे उम्मीद है कि हम लोग फिर से मिलने वाले हैं, बस ये समय की बात है.'

परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था
कारगिल के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा (Captain Vikram Batra) की कहानी भी कुछ ऐसी है जो किसी के भी दिल में देश भक्ति के जज़्बे को पैदा करने की ताक़त रखती है. वो एक ऐसे सैन्य अधिकारी थे, जिन्होंने 24 साल के उम्र में ही देश के लिए शहादत दी. वे 1999 में कारगिल में पाक के खिलाफ युद्ध में शहीद हुए थे. कैप्टन बत्रा वो थे, जिन्होंने कारगिल के 5 बेहद महत्वपूर्ण प्वॉइन्ट्स पर भारत का तिरंगा लहराने में अहम भूमिका निभाई थी. कारगिल युद्ध में दिखाए असाधारण शौर्य और पराक्रम के लिए कैप्टन बत्रा को मरणोपरांत भारतीय सेना के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था.

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