क्यों मनाया जाता है महिला दिवस? इस साल दिव्यांग महिलाओं के लिए है ये सौगात

आम महिलाओं और बेटियों के साथ-साथ मिशन शक्ति के तहत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिव्यांग महिलाओं के भी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाएंगे.विभाग ने हर ब्लॉक में दिव्यांग महिलाओं की सहमति मांगी है. 3 मार्च के दिन विकास भवन में इन महिलाओं के ऑनलाइन पंजीयन कर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

क्यों मनाया जाता है महिला दिवस? इस साल दिव्यांग महिलाओं के लिए है ये सौगात
फाइल फोटो.

नई दिल्ली: हर साल मार्च की 8 तारीख महिलाओं के नाम की जाती है. दुनियाभर में लोग इस दिन को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाते हैं. इस खास दिन पर महिलाओं को मान-सम्मान दिया जाता है. ये दिन महिलाओं के सशक्तीकरण के नाम किया जाता है.

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इस साल भी महिलाओं के लिए कुछ खास किया जा रहा है. वो भी उन महिलाओं के लिए जो दिव्यांग है.आम महिलाओं और बेटियों के साथ-साथ मिशन शक्ति के तहत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिव्यांग महिलाओं के भी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाएंगे.विभाग ने हर ब्लॉक में दिव्यांग महिलाओं की सहमति मांगी है. 3 मार्च के दिन विकास भवन में इन महिलाओं के ऑनलाइन पंजीयन कर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

ये परिवहन विभाग की और से इस बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिव्यांग महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा है. 8 मार्च को मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर कई कार्यक्रम किए जाएंगे और उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा. जो महिलाएं गाड़ी चलाना जानती हैं वह अब बेफिक्र होकर ड्राइव कर सकती हैं. 

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क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस मनाने का मकसद महिलाओं को उनके अधिकार दिलवाना और बढ़ावा देना है. इसके साथ विश्‍व शांति को भी प्रोत्‍साहित करना. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक मजदूर आंदोलन की उपज है. जो 1908 में हुआ था. जिसमें 15 हजार महिलाओं ने न्यूयॉर्क शहर में मार्च निकालकर नौकरी में कम घंटों की मांग की थी. साथ ही उन्होंने पुरुषों के बराबर वेतन की मांग की थी.

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जिसके बाद 1909 में सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने पहली बार पूरे अमेरिका में 28 फरवरी को महिला दिवस मनाया. लेकिन इसके ठीक एक साल बाद 1910 में क्लारा जेटकिन ने कोपेनहेगन में नौकरी वाली महिलाओं का नेतृत्‍व करते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का सुझाव दिया. सभी महिलाओं ने भी उनका समर्थन किया और कोपेनहेगन में महिला दिवस की स्‍थापना हुई. 

उस समय जूलियन कैलेंडर का प्रयोग किया जाता था. लेकिन ग्रेगेरियन कैलेंडर में यह दिन 8 मार्च था और उसी के बाद से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाने लगा.

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