चंद्रमौलेश्वर रूप में प्रजा का हाल जानने निकले Baba Mahakal, भक्तों ने किए दूर से दर्शन
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चंद्रमौलेश्वर रूप में प्रजा का हाल जानने निकले Baba Mahakal, भक्तों ने किए दूर से दर्शन

Mahakal Sawari से सवारी हरसिद्धि मंदिर के सामने से होकर नृसिंह घाट पर झालरिया मठ होते हुए रामघाट पहुंची. यहां भगवान महाकालेश्वर का मां शिप्रा के पवित्र जल से विधिवत पूजन-अर्चन किया गया. इसके बाद भगवान का विधि-विधान से पूजन व आरती की गई. 

चंद्रमौलेश्वर रूप में प्रजा का हाल जानने निकले Baba Mahakal, भक्तों ने किए दूर से दर्शन

राहुल राठौर/उज्‍जैन: श्रावण माह के पहले सोमवार पर ठीक शाम 4 बजे बाबा महाकालेश्‍वर पालकी में चंद्रमौलेश्वर के स्‍वरूप में भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर निकले. सवारी के निकलने के पहले सभामंडप में पूजन-अर्चन पुजारी घनश्‍याम शर्मा ने संपन्न कराई है. सर्व प्रथम भगवान महाकालेश्‍वर का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन किया गया. इसके बाद भगवान की आरती की गई. इस अवसर पर पूजन में कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ल, मंदिर प्रशासक व एडीएम नरेंद्र सुर्यवंशी व अन्य परिवार संग शामिल हुए. 

पूजन के पश्चात कंधा देकर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने पालकी को आगे बढ़ाया. मंदिर के मुख्य द्वार पर बाबा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. कोरोना काल के चलते सवारी मार्ग में सिर्फ पंडे-पुजारी कहार की मौजूदगी रही तो वहीं लॉ एंड आर्डर के लिए पुलिस की चप्पे-चप्पे पर तैनाती की गई. सवारी में इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण के चलते श्रद्धालू शामिल नहीं हो सके. सुबह 6 से 11 में बिगड़ी व्यवस्था को लेकर कलेक्टर ने कहा कल नया प्लान जारी होगा.

महाकालेश्वर मंदिर से सवारी हरसिद्धि मंदिर के सामने से होकर नृसिंह घाट पर झालरिया मठ होते हुए रामघाट पहुंची. यहां भगवान महाकालेश्वर का मां शिप्रा के पवित्र जल से विधिवत पूजन-अर्चन किया गया. इसके बाद भगवान का विधि-विधान से पूजन व आरती की गई. आरती के पश्चात भगवान महाकालेश्वर की सवारी परिवर्तित मार्ग से होती हुई हरसिद्धि मंदिर मार्ग पहुंची. जहां हरसिद्धि मन्दिर आगमन पर मन्दिर के पुजारियों द्वारा भगवान महाकालेश्वर की आरती की गई. इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा रंग, गुलाल उड़ाये गये. यहां से भगवान महाकाल की सवारी ठीक शाम 6 बजे पुन: महाकालेश्वर मन्दिर पहुंची. मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने कहा कि आज सावन के पहले सोमवार पर पालकी में चंदमोलेश्वर रूप में बाबा ने भक्तों को दर्शन लाभ दिए है, और भक्तों ने अपने जीवन को धन्य किया.

कोरोना गाइडलाइन के साथ निकली सवारी
कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि सावन की सवारी में कोरोना गाइडलाइन का पालन हो और परम्परा का निर्वहन भी हो. इसके लिए सवारी को संशोधित रूप दिया गया है. सिर्फ पंडे-पुजारी और मीडिया को ही एंट्री दी गई है. सवारी मार्ग को त्योहार के रूप में सजाया गया है.

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कल से कड़ी होगी सुरक्षा व्यवस्था
बिगड़ी व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर ने कहा कि उम्मीद से कई गुना लोग आ गए. इसलिए फ्री फ़ॉर आल करना पड़ा, लेकिन आगे से ऐसा नहीं होगा. आज ही नया प्लान तैयार कर कल जारी किया जाएगा. 

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