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मध्य प्रदेशः आईटीएटी के खाली पदों पर होगी भर्ती, अधिकरण हैं 90 हजार अपील लम्बित

आयकर अपीलीय अधिकरण में खाली पदों को भरा जाएगा. सदस्यों के 36 खाली पद भरने की प्रक्रिया जारी है.

मध्य प्रदेशः आईटीएटी के खाली पदों पर होगी भर्ती, अधिकरण हैं 90 हजार अपील लम्बित
आईटीएटी के खाली पदों पर भर्ती की जाएगी. (प्रतीकात्मक फोटो)

इंदौरः आयकर अपीलीय अधिकरण (आईटीएटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पीपी भट्ट ने बताया कि अधिकरण में खाली पदों को भरा जाएगा. इसके लिए शनिवार को कहा कि अधिकरण के सदस्यों के 36 खाली पद भरने की प्रक्रिया को तेज करने के लिये केंद्र सरकार से सतत बातचीत जारी है. आईटीएटी की देशभर की पीठों में फिलहाल कुल 90,000 अपील लंबित हैं. 

न्यायमूर्ति भट्ट ने आईटीएटी की इंदौर पीठ के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान इस अर्ध न्यायिक इकाई में ई-कोर्ट सुविधा का औपचारिक लोकार्पण किया. अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1969 में स्थापित इंदौर पीठ इस सुविधा के माध्यम से जबलपुर और अन्य शहरों में आईटीएटी की संचालित पीठों से जुड़ सकेगी जिससे लम्बित अपीलों के निपटारे में मदद मिलेगी. 

आईटीएटी अध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा, "हमारी सभी पीठों में फिलहाल कुल 90,000 अपील लम्बित हैं. सरकार ने इन पीठों के लिये न्यायिक सदस्यों और लेखा सदस्यों के हालांकि कुल 126 पद स्वीकृत कर रखे हैं. लेकिन वर्तमान में इन पदों पर केवल 90 सदस्य काम कर रहे हैं." 

न्यायमूर्ति भट्ट ने बताया कि आईटीएटी की विभिन्न पीठों में सदस्यों के इन 36 खाली पदों के भरने की प्रक्रिया को तेज करने के लिये सरकार से लगातार बातचीत की जा रही है. 

उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आगामी तीन से छह महीने में ये खाली पद भर जायेंगे." 

न्यायमूर्ति भट्ट ने कहा कि वैसे तो देश के 27 स्थानों पर आईटीएटी की 63 पीठ स्वीकृत हैं, लेकिन मानव संसाधन की कमी और अन्य वजहों से फिलहाल इनमें से केवल 44 पीठ कार्यरत हैं.

आईटीएटी अध्यक्ष ने यह भी बताया कि अधिकरण को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के अलावा देश के पांच-छह अन्य शहरों में सर्किट पीठ के गठन के लिये सरकारी मंजूरी मिली है. आईटीएटी की स्थायी पीठों के सदस्य इन सर्किट पीठों में सुनवाई के लिये समय-समय पर पहुंचेंगे और अपीलों का निपटारा करेंगे.

उन्होंने कहा, "हमें भोपाल और करनाल में भी सर्किट पीठों के गठन के प्रस्ताव मिले हैं." 

कार्यक्रम में आईटीएटी के मुंबई क्षेत्र के उपाध्यक्ष जीएस पन्नू भी मौजूद थे जो अधिकरण की ई-कोर्ट परियोजना से जुड़े हैं. उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिये आईटीएटी की विभिन्न पीठों और दूर-दराज के केंद्रों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा जायेगा. इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित होगा और लम्बित अपीलों के जल्द निपटारे में मदद मिलेगी.

(इनपुटः भाषा)