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डिंडोरी के इस गांव में नहीं है सड़क, मरीजों को चारपाई पर ले जाते हैं अस्पताल

सड़क नहीं होने की वजह से बंजरटोला, छुरिया मट्टा, खरवाटोला गांव के सैंकड़ों लोगों को बरसात के मौसम में पूरे 4 महीने नारकीय जीवन जीना पड़ता है. 

डिंडोरी के इस गांव में नहीं है सड़क, मरीजों को चारपाई पर ले जाते हैं अस्पताल
जिले के जवाबदार अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं.

डिंडोरी: मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. यहां सड़क नहीं होने की वजह से बीमारों को चारपाई के सहारे अस्पताल पहुंचाया जाता है. वहीं, स्कूली बच्चों को तालीम हासिल करने कीचड़ के दलदल और खाई को पार कर स्कूल पहुंचना पड़ता है. सरकारी दावों की पोल खोलती ये तस्वीरें उस करंजिया जनपद पंचायत इलाके की हैं, जहां से कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम, बीजेपी के कद्दावर नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे एवं जिलापंचायत अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे अपनी राजनीति चमकाते हैं. ग्रामीणों ने सड़क बनाये जाने की मांग स्थानीय से लेकर जिलाप्रशासन एवं संतरी से लेकर मंत्री तक से की है. लेकिन, अबतक किसी ने भी ग्रामीणों की सुध नहीं ली है.

दरअसल, ये तस्वीरें करंजिया जनपद के मूसामूंडी ग्रामपंचायत की हैं. जहां सड़क नहीं होने की वजह से बंजरटोला, छुरिया मट्टा, खरवाटोला गांव के सैंकड़ों लोगों को बरसात के मौसम में पूरे 4 महीने नारकीय जीवन जीना पड़ता है. गांव से मुख्य मार्ग की दूरी करीब पांच किलोमीटर है. लेकिन, सड़क के नाम पर बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ का दलदल है. इसके कारण गांव तक किसी भी वाहन का पहुंचना असंभव होता है. बीमारों, बुजुर्ग एवं गर्भवती महिलाओं को चारपाई के सहारे कंधे पर ढोकर अस्पताल ले जाना पड़ता है.

 

सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना यहां स्कूली छात्रों को करना पड़ता है. तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि स्कूली छात्र हाथ में जूते चप्पल लिए कीचड़ के दलदल को पार कितनी मुसीबतों के बाद स्कूल पहुंच पाते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि इस बार की तेज बारिश में कच्ची सड़क के अवशेष और पुल का बड़ा हिस्सा भी बाढ़ में बह गया है, जिससे परेशानी और भी बढ़ गई है. ग्रामीण जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ अपनी किस्मत को भी कोसते नजर आ रहे हैं. 

वहीं, जिले के जवाबदार अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं. स्थानीय विधायक व प्रदेश सरकार के मंत्री ओमकार मरकाम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द सड़क जैसे मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे गांवों का समुचित विकास करने का भरोसा जताया है.