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मध्य प्रदेशः भारी बारिश से चंबल नदी उफान पर, टापू में तब्दील हुए मुरैना के 27 गांव

कोटा बैराज से छोड़े गए पानी की बजह से चंबल नदी में पानी का स्तर लगातार बढता जा रहा है. जिसे देखते हुए प्रशासन ने जिले के सभी 91 गांवो को अलर्ट जारी कर दिया है

मध्य प्रदेशः भारी बारिश से चंबल नदी उफान पर, टापू में तब्दील हुए मुरैना के 27 गांव
500 से अधिक गांव वालो को निकाल कर उनके रहने खाने की व्यवस्था की गई है. (फाइल फोटो)

ग्वालियरः मध्य प्रदेश के कई इलाकों में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते प्रदेश की कई नदियां और नाले उफान पर हैं. मुरैना में भी चंबल नदी का पानी खतरे के निशान से 2 मीटर उपर बह रहा है. कोटा बैराज से छोड़े गए पानी की बजह से चंबल नदी में पानी का स्तर लगातार बढता जा रहा है. जिसे देखते हुए प्रशासन ने जिले के सभी 91 गांवो को अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है.

प्रशासन की सतर्कता के चलते कोई भी अप्रिय घटना देखने को नहीं मिली है. कलेक्टर के अनुसार कुछ गांव टापू में तब्दील हो गए थे जिनमें से 500 से अधिक गांव वालो को निकाल कर उनके रहने खाने की व्यवस्था की गई है. प्रशासन, पुलिस की टीमें लगातार गांवो के भ्रमण पर लगी हुई हैं.

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श्योपुर में मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात, खतरे के निशान से 10 फीट ऊपर बह रही है चंबल नदी

चंबल नदी के बढ़ते जल स्तर से आसपास के इलाके में अलर्ट जारी किया गया है. अगर और पानी छोड़ा गया तो हो सकता है कि ये कई और गांवो को अपनी जद में ले ले. अभी कुछ गांव टापू में तब्दील हो गए हैं, जहां से लोगों को निकाला गया है. पुलिस की टीम लगातार अलर्ट पर है. साथ ही पुल के आसपास लोगो के जमा होने से भी वहां पुलिस टीम तैनात की गई हैं.

मध्य प्रदेश में जारी है बारिश का कहर, मंदसौर-नीमच में हाई अलर्ट, निचले इलाके हुए जलमग्न

राज्य के मालवा निमाड़ इलाके में बीते 24 घंटों के दौरान सामान्य से अधिक बारिश हुई है. सबसे ज्यादा बारिश मंदसौर और नीमच इलाके में हुई है. मंदसौर में भारी बारिश के चलते गुरुवार रात शिवना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और नदी का पानी धीरे-धीरे भगवान पशुपतिनाथ मंदिर तक पहुंच गया. यहां की निचली बस्तियों में पानी भर गया है. पुलिस, प्रशासन व आम जनता के सहयोग से यहां रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.