ग्वालियर: महापौर पद पर जुबानी जंग जारी, BJP सांसद के तंज पर कांग्रेस का पलटवार

महापौर के पद पर कांग्रेस और बीजेपी की नजर है. नगर निगम में बीजेपी बहुमत में है, इसलिए वो महापौर का पद अपने खेमे में करना चाहती है.

ग्वालियर: महापौर पद पर जुबानी जंग जारी, BJP सांसद के तंज पर कांग्रेस का पलटवार
25 जून को ग्वालियर से सांसद बनने के बाद विवेक शेजवलकर ने महापौर पद से इस्तीफा दे दिया था.

कर्ण मिश्र/ग्वालियर: मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव से पहले ग्वालियर में मेयर की नियुक्ति को लेकर राजनीति शुरू हो गई है. दरअसल, ग्वालियर शहर में मेयर की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है. बीजेपी सांसद विवेक शेजवलकर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा है कि कांग्रेस की हालत एक अनार सौ बीमार जैसी है, जिसके कारण ग्वालियर नगर निगम बिना सेनापति का है, जिसका मुखिया कोई नही है. वहीं, कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रद्धुमन सिंह तोमर ने भी सांसद शेजवलकर पर निशाना साधते हुए कहा कि शेजवलकर को ग्वालियर की इतनी ही चिंता थी, तो महापौर के पद से इस्तीफा देकर क्यों भागे.

गौरतलब है कि 25 जून को ग्वालियर से सांसद बनने के बाद विवेक शेजवलकर ने महापौर पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद बीजेपी के साथ ही कांग्रेस के कई गुट महापौर के पद पर नजर गड़ाए हुए थे. बाकायदा इसके लिए कांग्रेसी नेताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से लेकर कमलनाथ तक अपना नाम पहुंचा दिया था. हालांकि, महापौर की नियुक्ति तो नही हो सकी. बल्कि, एक जनहित याचिका हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में जरूर दायर हो गई. महापौर की नियुक्ति के संबंध में मध्य प्रदेश शासन द्वारा तर्क दिया गया है कि नगर पालिका एक्ट की धारा 21 के प्रावधान के अनुसार महापौर की नियुक्ति करना अनिवार्य नहीं है. नए चुनाव में अभी 6 महीने का भी समय नहीं बचा है. ऐसी स्थिति में महापौर की नियुक्ति करने की जरूरत नहीं है. 

बहरहाल महापौर के पद पर कांग्रेस और बीजेपी की नजर है. नगर निगम में बीजेपी बहुमत में है, इसलिए वो महापौर का पद अपने खेमे में करना चाहती है. जिससे चुनाव के वक्त इसका फायदा लिया जा सके. वहीं कांग्रेस के पार्षदों के साथ कई और नाम भी हैं, जो महापौर के पद के जुगाड़ में लगे हुए हैं. बता दें कि कमलनाथ सरकार ने हाल ही में एक अध्यादेश जारी कर महापौर का चुनाव पार्षदों से करवाने का प्रावधान जारी किया है.