मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए हमें किसी अनुमति की जरूरत नहीं है : कमलनाथ

 "राज्य में हर क्षेत्र के लिए अलग नीति बनाई जाएगी, एक निवेश नीति से निवेश नहीं आ सकता. मैं एक निवेश नीति में विश्वास नहीं करता. निवेश नीति अलग होगी, तभी निवेशक आएंगे, क्योंकि कोई कार बना रहा है और कोई जूते बना रहा है.''

मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए हमें किसी अनुमति की जरूरत नहीं है : कमलनाथ
मुख्यमंत्री कमलनाथ (फोटो साभारः Twitter/@OfficeOfKNath)

इंदौर: मध्य प्रदेश में निवेश करना अब आसान होगा, क्योंकि उद्योग स्थापित करने के लिए किसी भी सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, बस उद्योग स्थापित करने वाले के पास जमीन होनी चाहिए. यह ऐलान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को 'मैग्नीफिसेंट मध्य प्रदेश' में किया. यहां के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को 'मैग्नीफिसेंट एमपी' का आयोजन किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "राज्य में हर क्षेत्र के लिए अलग नीति बनाई जाएगी, एक निवेश नीति से निवेश नहीं आ सकता. मैं एक निवेश नीति में विश्वास नहीं करता. निवेश नीति अलग होगी, तभी निवेशक आएंगे, क्योंकि कोई कार बना रहा है और कोई जूते बना रहा है. दोनों के लिए नजरिया एक हो, यह चलने वाला नहीं है."

उन्होंने आगे कहा, "हम निवेश के लिए गाइडलाइन बना सकते हैं, मगर सभी क्षेत्रों के लिए एक निवेश नीति नहीं. इतना ही नहीं निवेश को सरकारी अनुमतियों के चक्कर से दूर रखा जाएगा. अगर उद्योग लगाने वाले के पास जमीन है तो उसे किसी भी तरह की सरकारी विभाग से अनुमति नहीं लेनी होगी. इतना ही नहीं निवेश को सरकारी अनुमतियों के चक्कर से दूर रखा जाएगा. जब वह हम पर भरोसा करके आएगा तो हम भी उद्योग लगाने वाले पर भरोसा करेंगे."

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मुख्यमंत्री ने कहा, "उद्योग लगाने के लिए किसी तरह की सरकारी अनुमति की जरुरत नहीं होगी, अगर वह सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करता है तो तीन साल बाद उसका आंकलन करेंगे. किसी भी तरह के नियम का उल्लंघन किया गया है तो कार्रवाई की जाएगी." निवेश आने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, इसकी चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा, "जो भी उद्योग लगेंगे, उसमें राज्य के 70 फीसदी लोगों को रोजगार मिले, इसका प्रावधान राज्य सरकार कर रही है."

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इस एक दिवसीय मैग्नीफिसेंट एमपी में कुल कितने के करार हुए? कमलनाथ ने कहा, "दिखावे के लिए एमओयू की सोच से अलग हटकर हमारा लक्ष्य है कि इस आयोजन के जरिए जो भी निवेश आया है, वह जब तक हकीकत में साकार नहीं होगा तब तक हम इसे सफल नहीं मानेंगे." मुख्यमंत्री ने कहा, "पिछले साढ़े सात माह के दौरान औद्योगिक क्षेत्र की कई ऐसी परेशानियां, शिकायतें हमारे सामने आईं, जिनका समाधान बहुत आसान था, लेकिन कई वर्षो से उन तकनीकी दिक्कतों के कारण निवेश का विस्तार नहीं हो पा रहा है."

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उन्होंने उदाहरण दिया, "जैसे प्रदेश में स्थापित कोई उद्योग अपनी आवंटित जमीन पर अन्य विस्तार करना चाहता है तो उसे अनुमति नहीं थी, इस प्रतिबंध को हमने समाप्त कर दिया है." मुख्यमंत्री ने कहा, "आज पूरे देश में आर्थिक क्षेत्र में नकारात्मक भाव के कारण भयानक मंदी का दौर है, लेकिन मध्यप्रदेश इस दुष्प्रभाव से सिर्फ इसलिए बचा है, क्योंकि हम सकारात्मक भाव के साथ काम कर रहे हैं. जहां पूरे देश में ऑटो सेक्टर में भयानक मंदी आई है, वहीं मध्यप्रदेश में ऑटो की बिक्री चार प्रतिशत बढ़ी है. साथ ही दैनिक उपयोग की उपभोक्ता वस्तुओं की बिक्री में भी भारी वृद्घि हुई है. यह निवेश के प्रति हमारे सकारात्मक रुझान के कारण संभव हो पाया है."

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उन्होंने कहा, "हम आने वाले समय में अपनी नीतियों और प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों से प्रदेश में निवेश का एक नया इतिहास बनाएंगे." आगामी योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "हम मध्यप्रदेश का अगले पांच साल के विकास का एक ऐसा नक्शा बना रहे हैं, जो समयबद्घ कार्यक्रम पर आधारित होगा और जिसमें हर माह, हर साल, हर दिन की प्रगति रेखांकित होगी. निवेश राजनीति से ऊपर होगा. हमारी सफलता तभी होगी, जब जनता से हमें इसका प्रमाण-पत्र मिलेगा."