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विश्व पर्यावरण दिवस: इस्माइल भाई, जिन्होंने पर्यावरण को बचाना अपना जुनून बना लिया

खंडवा के इस्माइल भाई जोहर है, जिन्होंने न केवल अपने घर को बल्कि अपनी कॉलोनी और अपने परिचितों को भी पौधे बांटकर पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया है.

विश्व पर्यावरण दिवस: इस्माइल भाई, जिन्होंने पर्यावरण को बचाना अपना जुनून बना लिया
देश ही नहीं विदेशों से भी ऐसी प्रजाति के पौधे उन्होंने अपने लॉन में लगाए हैं जो घर और शहर के पर्यावरण को मुक्त रखते हैं.

खंडवा: 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. पर्यावरण को बचाने के लिए पूरी दुनिया में लोगों को जागरूक किया जा रहा है. अपने पर्यावरण को शुद्ध रखने का सबसे सस्ता और सुलभ उपाय है अपने वातावरण में पेड़ पौधर लगाकर उसे हरा-भरा करना. पर्यावरण के प्रति लोग जागरुक तो हो रहे हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पर्यावरण को बचाने के काम को ही अपना जुनून बना लिया. ऐसे ही खंडवा के इस्माइल भाई जोहर है, जिन्होंने न केवल अपने घर को बल्कि अपनी कॉलोनी और अपने परिचितों को भी पौधे बांटकर पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया है.

उनकी इस जागरूकता का आलम यह है कि उन्होंने देश ही नहीं विदेशों से भी ऐसी प्रजाति के पौधे अपने लॉन में लगाए हैं जो घर और शहर के पर्यावरण को मुक्त रखते हैं. खासकर ऑक्सीजन पैदा करने और जहरीली गैसों को हजम करने वाले पौधे इनकी पसंद है और यही पौधे वह लोगों को बांटते भी हैं. यही उनका जुनून है.

इस्माइल भाई का घर खंडवा के सैफी कॉलोनी में है, लेकिन ज्यादातर समय इनका परिवार दुबई में रहता है. इन्होंने अपने घर के लॉन में फल फूल देने वाले एक से बढ़कर पौधे लगाएं है. साथ ही ऐसे पौधे भी लगाए हैं, जो वातावरण की जहरीली गैसों को सोखते हैं और खूब ऑक्सीजन पैदा करते हैं. इस्माइल भाई ने इस तरह के पौधों को देश के अलग-अलग हिस्सों से इकट्ठा किया और अपने लान में लगाए हैं. वह इन पौधों को तैयार भी करते हैं और अपनी कॉलोनी और परिचितों को मुफ्त में बांटते भी हैं. पर्यावरण को शुद्ध बनाने के लिए उनके गुरु से उन्हें यह प्रेरणा मिली तभी से उन्होंने इसे अपना जुनून बना लिया.

इस्माइल भाई पर्यावरण को शुद्ध रखने में कौन-कौन से पौधे असरकारक है. वह इस बारे में जानने के लिए यूट्यूब और इंटरनेट का सहारा भी लेते हैं. उन्होंने जाना कि नासा ने 12 तरह के पौधों को पर्यावरण हितैषी बताया है. तभी से इस्माइल भाई ने इन पौधों को देश और दुनिया से इकट्ठा करना शुरू किया. आज उनके लॉन में फाइकस, यूरेका फॉर्म, मनी प्लांट, स्पाइडर, पीस लिली, रबर प्लांट और तुलसी जैसे पर्यावरण हितैषी पौधे लगे हैं. वह तुलसी को ऑक्सीजन पैदा करने वाला सबसे बेहतरीन पौधा बताते हैं. इसलिए उन्होंने अपने घर के चारों तरफ तुलसी के पौधे लगाए हैं. उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपने परिवार में पैदा होने वाले बच्चे, किसी की मृत्यु होने पर, जन्म दिवस और शादी के मौके पर पौधे जरूर लगाना चाहिए और उसे परवरिश करते हुए पेड़ बनाना चाहिए, जिससे पर्यावरण भी शुद्ध हो और यादगार भी बनी रहे.

इस्माइल भाई के इस काम में उनकी बहू भी खूब साथ देती है. उनकी बहू दुबई की है. इस्माइल भाई का परिवार भी दुबई में रहता है.जब वह दुबई जाते हैं तो खंडवा के घर में लगे पौधों की देखभाल के लिए किसी को मुकर्रर करके जाते हैं . इस्माइल भाई ने दुबई में भी लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में अलग अलग प्रजाति के फूलों का  बगीचा तैयार किया है. इसके लिए वह जरूरी  खाद और मिट्टी हिंदुस्तान से ही ले जाते हैं.

उनकी बहू का मानना है कि हिंदुस्तान में आबादी के हिसाब से पेड़ों की संख्या बहुत कम है. अंतरराष्ट्रीय पैमाने के हिसाब से  देश मे हर एक इंसान के पीछे साडे चार सौ पौधे होना चाहिए लेकिन हिंदुस्तान में सिर्फ 25 पेड़ ही है . इस मामले में हम चीन से भी पीछे हैं. वहां पर एक इंसान के पीछे साढ़े तीन सौ पेड़ है. उनका मानना है कि भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ बनाए रखना है तो पर्यावरण को हरा भरा रखने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाना बहुत आवश्यक है.