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युवक को शादी करना पड़ा भारी, बिरादरी वालों ने किया समाज से बाहर, लगा दिया जुर्माना

महासमुंद जिला के थाना क्षेत्र तुमगांव के वार्ड नंबर 13 भाटापारा के धोबी समाज के नागेश निर्मलकर ने दिसंबर माह में अपने ही समाज की एक लड़की से आर्यसमाज मंदिर रायपुर में शादी की थी.

युवक को शादी करना पड़ा भारी, बिरादरी वालों ने किया समाज से बाहर, लगा दिया जुर्माना
पुलिस की कार्रवाई के बाद ये लोग अपने फैसले को झुठला रहे हैं और सिर्फ स्वरूचि भोज कराने की बात ही स्वीकार कर रहे हैं.

जन्‍मजय सि‍न्‍हा/महासमुंद: हम वैश्विक सभ्यता में अपने समाज को कितना भी अग्रणी बताने का दावा करें, लेकिन कहीं ना कहीं हमारे समाज में कुप्रथाओं का गहरा प्रभाव देखने को मिल ही जाता है. छत्तीसगढ़ के महासमुंद में सामजिक कुप्रथा का एक ऐसा ही नमूना सामने आया है. यहां एक युवक को अपने ही समाज की लड़की से शादी करने पर समाज से बाहर कर दिया और अर्थदंड भी लगा दिया. पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद आठ लोगों पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की है. 

दरअसल, महासमुंद जिला के थाना क्षेत्र तुमगांव के वार्ड नंबर 13 भाटापारा के धोबी समाज के नागेश निर्मलकर ने दिसंबर माह में अपने ही समाज की एक लड़की से आर्यसमाज मंदिर रायपुर में शादी की थी. लेकिन, ये शादी उसके समाज को नागवार गुजरी और नागेश के परिवार को समाज से बेदखल कर दिया गया. बीती 8 जून को समाज ने बैठक कर नागेश पर 21 हजार रूपये का जुर्माना भी ठोंक दिया. साथ ही समाज ने ये फरमान सुनाया कि नागेश का परिवार पूरे समाज को स्वरूचि भोज कराए. 

समाज के कुछ लोगों ने कहा कि जबतक 21 हजार रूपये जमा नहीं किए जाते हैं, तबतक नागेश का परिवार समाज से बहिष्कृत माना जाएगा. इस तुगलकी फरमान से पीड़ित परिवार ने डीजीपी से शिकायत की. पुलिस की जांच में मामला सही पाया गया. पुलिस ने मामले में शिकायत के बाद आठ लोगों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की है. इनमें धोबी समाज के गोविंद निर्मलकर, रामजी निर्मलकर, शिवनंदन निर्मलकर, शिवनारायण निर्मलकर, उत्तम कुमार निर्मलकर, प्रेमलाल निर्मलकर, गुलाब निर्मलकर, पवन कुमार निर्मलकर शामिल हैं. बहरहाल सभी जमानत पर रिहा हो चुके हैं. 

पुलिस की कार्रवाई के बाद ये लोग अपने फैसले को झुठला रहे हैं और सिर्फ स्वरूचि भोज कराने की बात ही स्वीकार कर रहे हैं. धोबी समाज के अध्यक्ष गोविंद निर्मलकर का कहना है कि किसी ने बहिष्कार नहीं किया, लेकिन स्वरूचिभोज के लिए जरूर कहा गया था. वहीं, लड़के के पिता रमेश कुमार ने कहा कि उनके बेटे नें आर्यसमाज में शादी की, जिसके बाद समाज के लोगों ने बैठक में बाकायदा बुलाकर ये फैसला सुनाया. लेकिन जब 21 हजार का जुर्माना देने में अपनी असमर्थता जताई तो 16 हजार का अर्थदंड सुनाते हुए कहा कि इससे कम में समाज इनको शामिल नहीं करेगा.