दुर्लभ प्रजाति की आम की सुरक्षा के लिए तीन सुरक्षा गार्ड और नौ 9 तैनात किए गए
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दुर्लभ प्रजाति की आम की सुरक्षा के लिए तीन सुरक्षा गार्ड और नौ 9 तैनात किए गए

मुझे एक व्यापारी ने आम के एक फल का भाव 21,000 रुपये देने की पेशकश जरुर की थी.' परिहार ने कहा कि वर्तमान में इन 50 दुर्लभ पेड़ों पर... 

दुर्लभ प्रजाति की आम की सुरक्षा के लिए तीन सुरक्षा गार्ड और नौ 9 तैनात किए गए

जबलपुर: मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक बागवान ने लगभग 21 हजार रुपये प्रति फल की कीमत देने वाले दुर्लभ किस्म के आमों के पेड़ों की सुरक्षा के लिए तीन सुरक्षा गार्ड और नौ कुत्तों को तैनात किया है. जबलपुर से चरगवां रोड पर संकल्प सिंह परिहार ने बताया कि उनके 12 एकड़ के फार्म हाउस में 14 प्रजाति के लगभग 1100 आम के पेड़ हैं. इसमें दुर्लभ प्रजाति के लगभग 50 पेड़ हैं.

एक आम की कीमत मिल रही थी 21 हजार रुपये

उन्होंने बताया, ‘दुर्लभ प्रजाति का आम जापानी प्रजाति के 'टाइयो नो टमैगो' की तरह है. मीडिया तथा गूगल के अनुसार जापानी आम 2,70,000 रुपए में बिका है. मैं यह दावा नहीं करता की यहां लगा दुर्लभ प्रजाति का आम जापानी आम है लेकिन मुझे एक व्यापारी ने आम के एक फल का भाव 21,000 रुपये देने की पेशकश जरुर की थी.' परिहार ने कहा कि वर्तमान में इन 50 दुर्लभ पेड़ों पर केवल तीन से चार फल हैं तथा इन पेड़ों एवं फलों को सुरक्षित करने के लिए हमने तीन गार्ड और छह जर्मन शेफर्ड सहित नौ कुत्ते तैनात किए हैं. उनके अनुसार आमों को चुराने की कोशिश के बाद खेत में सुरक्षा बढ़ा दी है. 

दुर्लभ आमों की बाग विकसित करने का लक्ष्य

उन्होंने बताया कि करीब पांच साल पहले उन्होंने अज्ञात छह आम की किस्मों के 100 पौधे चेन्नई से 2.5 लाख रुपये में खरीद कर लाए थे तथा इनमें से 52 पेड़ बच गए हैं. परिहार ने कहा, 'मेरा इरादा दुर्लभ किस्म के फल बेचने का नहीं है. बल्कि उनका एक बाग विकसित करने का है.' उन्होंने बताया कि 'टाइयो नो टमैगो' आम की एक विशेष जापानी किस्म है, जो जापान के नियंत्रित वातावरण में उगाई जाती है. यह आम की दुनिया में सबसे महंगी किस्मों में से एक है. यह फल बाहर से गहरे लाल रंग का होता है और अंदर मांसल गहरे पीले रंग का होता है. यह आम एंटी आक्सिडेंट, फोलिक एसिड और बीटा-कैरोटीन से भरपूर होते हैं.

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