EXCLUSIVE: शिवसेना के CM के साथ 16+14+12 का सत्‍ता का फॉर्मूला तय

महाराष्ट्र में सत्ता निर्माण का ड्राफ्ट तैयार हो गया है. तीनों पार्टियों के नेताओं की बैठक कल ख़त्म हुई और उसके बाद उन्होंने अपने-अपने पार्टी प्रमुखों को कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (CMP) का ड्राफ्ट भेज दिया.

EXCLUSIVE: शिवसेना के CM के साथ 16+14+12 का सत्‍ता का फॉर्मूला तय

मुंबई: महाराष्ट्र में सत्ता निर्माण का ड्राफ्ट तैयार हो गया है. तीनों पार्टियों के नेताओं की बैठक कल ख़त्म हुई और उसके बाद उन्होंने अपने-अपने पार्टी प्रमुखों को कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (CMP) का ड्राफ्ट भेज दिया. हालांकि उस पर अब तक कोई खुलासा नहीं किया गया. लेकिन तीनों पार्टियों के सूत्रों से जानकारियों के मुताबिक सत्ता में भागीदारी का एग्रीमेंट कुछ इस तरह का होने की संभावना है:  

-ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री, ढाई साल एनसीपी का CM, कांग्रेस का 5 साल का उपमुख्‍यमंत्री.

-16 (शिवसेना)+14 (एनसीपी)+12 (कांग्रेस ) मंत्रालय के बंटवारे की संभावना. हालांकि शिवसेना पूरे पांच साल मुख्यमंत्री की मांग कर रही है. कांग्रेस 1 साल सीएम के पद की मांग कर रही है, या फिर दो उप-मुख्यमंत्री एनसीपी और कांग्रेस दोनों के)

- मुख्य (मलाईदार और पावरफुल) मंत्रालय और स्पीकर के पद इस तरह से बटेंगे:

एनसीपी : गृह मंत्रालय
शिवसेना :  वित्‍त मंत्रालय
शिवसेना :  नगरविकास मंत्रालय
कांग्रेस : राजस्व मंत्रालय
कांग्रेस : विधानसभा स्पीकर
एनसीपी : डिप्टी स्पीकर विधानसभा

बाकी मंत्रालयों और महामंडलों (मंत्री का दर्जा प्राप्त ) का विभाजन बराबर-बराबर हो गया है.
इस लिहाज से महाराष्ट्र में सरकार बनाने की दिशा में शिवसेना+कांग्रेस+एनसीपी सैद्धांतिक रूप से तो तैयार हो गई हैं मगर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का पेंच बीच में अटका पड़ा है. उस पर माथापच्ची जारी है. शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के चुनावी मेनिफेस्टो से जुड़े मुद्दे CMP में शामिल किए गए हैं, जोकि इस प्रकार हैं:

-किसानों की कर्जमाफी
-किसानों के बिजली बिल में राहत
-किसानों की फसल के नुकसान के फौरन बाद मुआवजा रकम वितरण अदायगी शुरू की जायेगी
-शिक्षा और स्वास्थ्य को वरीयता
-भावनात्मक मुद्दों- हिंदुत्‍व, उत्तर भारतीय प्रांतवाद पर बयानबाजी से बचने का फॉर्मूला तैयार किया गया है.
-मराठी मानुस को आरक्षण में नौकरी
-आम युवकों को रोजगार के अवसर पर जोर

ये ड्राफ्ट अब उद्धव ठाकरे, सोनिया गांधी, शरद पवार देख रहे हैं. शरद पवार और सोनिया गांधी की मुलाक़ात होगी. उसके बाद तीनों की बात होगी और ड्राफ्ट पर मुहर लगा दी जायेगी.

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