CM पद की शपथ लेने के बाद BJP मुख्यालय पहुंचे फडणवीस, बोले- मोदी हैं तो मुमकिन है

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस प्रदेश बीजेपी दफ्तर पहुंचे. उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी का आभार जताया. उन्होंने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल का भी आभार जताया.

CM पद की शपथ लेने के बाद BJP मुख्यालय पहुंचे फडणवीस, बोले- मोदी हैं तो मुमकिन है
फडणवीस ने राज्य में स्थायी सरकार का वादा किया.

मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रदेश बीजेपी दफ्तर पहुंचे. उन्होंने पीएम मोदी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल का आभार जताया. फडणवीस ने उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा मोदीजी है तो मुमकिन है. फडणवीस ने यह भी दोहराया कि वह अजित पवार के समर्थन से महाराष्ट्र में मजूबत सरकार बनाने जा रहे हैं. फडणवीस ने राज्य में स्थायी सरकार का वादा किया. 

इससे पहले, महाराष्ट्र (Maharashtra) में शनिवार सुबह सबको चौंकाते हुए बीजेपी (BJP) के देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने मुख्यमंत्री और एनसीपी (ncp) के अजीत पवार (Ajit Pawar )ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली. करीब साढ़ें आठ घंटे में बाजी शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी से निकल कर बीजेपी के हाथ में आ गई. शुक्रवार रात लगभग 11.45 बजे अजीत पवार-बीजेपी में सौदा हुआ. लगभग 11.55 बजे फडणवीस ने पार्टी से बात की और शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के दावा करने से पहले शपथ ग्रहण करने का आग्रह किया.

अपने समर्थक विधायकों को मुंबई से बाहर ले जा रहे हैं अजित पवार
एनसीपी (NCP) नेता और अब डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) अपने समर्थक विधायकों को मुंबई से बाहर ले जाने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक वह अपने समर्थक विधायकों को गोवा लेकर जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक अजित पवार के समर्थक विधायकों के साथ धनजंय मुंडे भी हैं. इन्हें एक प्राइवेट चार्टर प्लेन के जरिए गोवा ले जाया जाएगा. 

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एनसीपी नेताओं ने कहा, 'अजीत ने शरद पवार की पीठ में छुरा घोंपा'
एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए बातचीत कर रही थी, लेकिन शनिवार सुबह भाजपा के देवेंद्र फडणवीस और शरद पवार के भतीजे अजीत पवार ने क्रमश: मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सभी को अचंभे में डाल दिया. अजीत पवार के इस फैसले को राकांपा के कई नेताओं ने 'पीठ में छुरा भोकना' बताया है. नाम न छापने की शर्त पर एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "भाजपा राज्य में गठबंधन की सरकार बनाने के लिए नेताओं को लुभाने का पूरा प्रयास कर रही थी. लेकिन शरद पवार भाजपा के साथ जाने को तैयार नहीं थे, क्योंकि उनका यह कदम उनके लिए राजनीतिक आत्महत्या जैसा होता."

शिवसेना ने 30 साल पुरानी दोस्ती तोड़ी तब लोकतंत्र की हत्या नहीं हुई : रविशंकर
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को सवाल किया कि शिवसेना ने 30 साल पुरानी दोस्ती तोड़ी तब लोकतंत्र की हत्या नहीं हुई? जब अजित पवार के नेतृत्व में बड़ा तबका आकर देवेंद्र फडणवीस को समर्थन दे तो क्या लोकतंत्र की हत्या हो गई?