महाराष्ट्र: शिवसेना, कांग्रेस-एनसीपी की बैठक में बनी कमेटी, तैयार करेंगे न्यूनतम साझा कार्यक्रम

महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार गठन के लिए शिवसेना (Shiv Sena), राष्ट्रवादी कांग्रेस (Congress) पार्टी (NCP) और कांग्रेस (Congress) नेताओं ने गुरुवार शाम को बैठक की. इसमें सरकार बनाने के लिए न्यूतम साझा कार्यक्रम तैयार करने के लिए कमेटी का गठन किया गया.

महाराष्ट्र: शिवसेना, कांग्रेस-एनसीपी की बैठक में बनी कमेटी, तैयार करेंगे न्यूनतम साझा कार्यक्रम
महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना नेताओं की बैैैैठक.

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार गठन के लिए शिवसेना (Shiv Sena), राष्ट्रवादी कांग्रेस (Congress) पार्टी (NCP) और कांग्रेस (Congress) नेताओं ने गुरुवार शाम को बैठक की. इसमें सरकार बनाने के लिए न्यूतम साझा कार्यक्रम तैयार करने के लिए कमेटी का गठन किया गया. इस कमेटी में शिवसेना (Shiv Sena), एनसीपी और कांग्रेस (Congress) के 5-5 सदस्य रखे गए हैं. सूत्र बताते हैं कि गठबंधन से पहले कांग्रेस (Congress) चाहती है कि शिवसेना (Shiv Sena) कट्टर हिंदुत्व के मुद्दे के बजाय धर्मनिरपेक्षता पर भरोसा दे. बताया जा रहा है कि सरकार गठन के लिए 17 सितंबर को कांग्रेस (Congress) और एनसीपी के नेता दिल्ली में बैठक कर सकते हैं.

अमित शाह के बयान पर संजय राउत का पलटवार
बुधवार को गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि बीजेपी ने कभी भी ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री की बात नहीं कही थी. पूरे लोकसभा चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री से लेकर तमाम बीजेपी के नेता यही कहते रहे की अगर गठबंधन की जीत होती है तो देवेंद्र फडणवीस ही मुख्यमंत्री बनेंगे. इसके जवाब में शिवसेना (Shiv Sena) के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि कोई शिवसेना (Shiv Sena) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच में खाई पैदा कर रहा है. हमें धमकाने की कोशिश मत कीजिए, मिट जाएंगे. बाला साहेब ठाकरे की कसम खाते हैं कि उन्हीं के कमरे में 50-50 फॉर्मूले पर बात हुई थी.

इससे पहले कांग्रेस (Congress) और शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी ने बुधवार को न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) को अंतिम रूप देने के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया, जिससे महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार बनाने के लिए शिवसेना (Shiv Sena) के साथ गठबंधन पर चर्चा की जा सके. 

उधर, बीजेपी नेताओं के बयानों से संकेत मिलते हैं कि शिवसेना (Shiv Sena) के साथ अब भी सरकार बनाने की पार्टी ने उम्मीद नहीं छोड़ी है. महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक दल के नेता देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को लगे राष्ट्रपति शासन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य को जल्द स्थिर सरकार मिलने की उम्मीद जताई थी. वहीं उद्धव ठाकरे भी प्रेस कांफ्रेंस में कह चुके हैं कि विकल्प खत्म नहीं हुए हैं, बीजेपी संपर्क कर रही है.

कांग्रेस (Congress) नेताओं के अनुसार, पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्रियों अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण, राज्य इकाई के प्रमुख बालासाहेब थोरात, माणिकराव ठाकरे व विजय वडेट्टीवार को कमेटी में नामित किया है, जबकि राकांपा ने कमेटी में जयंत पाटील, अजीत पवार, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और नवाब मलिक को शामिल किया है. न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा के लिए कमेटी के गठन का फैसला वरिष्ठ कांग्रेस (Congress) नेता अहमद पटेल द्वारा मंगलवार को शरद पवार के साथ मुंबई में हुई बैठक के दौरान लिया गया था.

कांग्रेस (Congress) और राकांपा की कोशिशों के बीच बीजेपी भी खामोश नहीं बैठी है. दिल्ली और मुंबई में पार्टी की इस मसले को लेकर कई बैठकें हो चुकीं हैं. मंगलवार शाम प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जिस तरह से बीजेपी को लेकर रुख नरम रखते हुए कहा कि अब भी उधर से संपर्क किया जा रहा है, वहीं देवेंद्र फडणवीस ने भी राज्य को जल्द स्थिर सरकार मिलने की बात कही. साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने भी दावा किया कि सरकार तो बीजेपी ही बनाएगी. इससे माना जा रहा है कि राष्ट्रपति शासन लगने की अवधि के बीच बीजेपी शिवसेना (Shiv Sena) के साथ सरकार बनाने की संभावनाओं में जुटी रहेगी.

उल्लेखनीय है कि बीजेपी-शिवसेना (Shiv Sena) ने गठबंधन के तहत 21 अक्टूबर का विधानसभा चुनाव लड़ा था. लेकिन, शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग करने के बाद गठबंधन टूट गया. बीजेपी ने शिवसेना (Shiv Sena) के रोटेशनल मुख्यमंत्री पद की मांग को ठुकरा दिया. महाराष्ट्र (Maharashtra) में मंगलवार शाम राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया और विधानसभा को निलंबित कर दिया गया.

ये भी देखें-: