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महाराष्ट्र: कोरोना के 15 मरीज ठीक हुए, संक्रमितों की संख्या 124

महाराष्ट्र में कोरोना पॉजिटिव कुल मरीजों की संख्या 124 है.

महाराष्ट्र: कोरोना के 15 मरीज ठीक हुए, संक्रमितों की संख्या 124

मुंबई: महाराष्ट्र में कोरोना पॉजिटिव कुल मरीजों की संख्या 124 है. वहीं महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 15 मरीज ठीक हो गए हैं और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज ​कर दिया गया है और अब 124 कोरोना पॉजिटिव मरीज अस्पताल में हैं. 

इनमें एक नया मामला मुंबई से और 1 ठाणे से सामने आया है. वहीं कुछ संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है. इससे पहले मुंबई और औरंगाबाद में एक-एक मरीज को छुट्टी दे दी गई है.

दूसरी तरफ मुंबई से सटे कल्याण और उल्हासनगर जैसे इलाकों में झारखंड के 28 मजदूर लॉकडाउन की वजह से फंसे हुए हैं. इनकी मदद के लिए एक ट्वीट किया गया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इनके रहने और खाने का इंतजाम किया है. 

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इन मजदूरों के कल्याण और उल्हासनगर में फंसे होने की जानकारी ट्वीट कर दी. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से सहायता की अपील की, जिसके बाद सूबे की सरकार ने झारखंड के इन मजदूरों को सुरक्षित रिहायशी जगह पर पहुंचा दिया है.

इस बीच मुंबई में घर-घर जाकर कोरोना वायरस जांच की शुरू की गई है. साथ ही बीएमसी ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. लोगों को घर बैठे कोरोना वायरस जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है. 

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नागपुर में बेघरों के लिए शेल्टर होम बना सहारा

कोरोना संकट के बाद पूरा देश लॉकडाउन है. ऐसे में सड़क पर घूमने वालों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है. नागपुर में फुटपाथ पर रहने वाले बेघर लोगों का भी यही हाल है. रात में फुटपाथ पर सोने वालों के लिए मुश्किलें पैदा हो गई हैं. पुलिस कार्रवाई का डर लगातार बना रहता है. 

इसी को देखते हुए नागपुर नगर निगम ने बेघर लोगों के लिए शेल्टर होम में व्यवस्था की है. नागपुर शहर के 5 शेल्टर होम में इन बेघर लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है. इसमें सोशल डिस्टेंस के साथ 300 बेघर लोगों के रहने का इंतजाम और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है.

नागपुर शहर में सीताबर्डी के बुटी कन्या स्कूल, टिमकी भानखेडा के हंसापुरी स्कूल, डिप्टी सिग्नल के गुरु घासीदाल समाज भवन, नारा रोड ग्रंथालय और समाज भवन और टेकडी गणेश मंदिर इलाके में शेल्टर होम बनाए गए हैं. फुटपाथ पर रहनेवाले बेघर लोगों का अब यही नया घर है.

कोराना के बाद शेल्टर होम पहुचे इन बेघर लोगों को स्वच्छता का पाठ भी सिखाया जा रहा है.  शेल्टर होम में प्रवेश करने से पहले उनके हाथ धुलवाए गए. साथ ही संक्रमण से बचने के लिए सावधानियां भी बताई गईं.

यहां बेघर लोगों के मुफ्त रहने और खाने की व्यवस्था नगर निगम ने की है. भोजन के समय तीन फीट की दूरी बनाकर लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है. कोरोना पर सोशल डिस्टेंस के महत्व के बारे में भी बताया गया.

नागपुर नगर निगम के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने बताया कि लॉकडाउन में शहर के प्रत्येक घटक के बारे में हमने सोचा है. फुटपाथ पर गुजारा करने वाले बेघर लोगों को शेल्टर होम ने सहारा दिया है. दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय नागरिक उपजीविका अभियान के तहत नगर निगम के सामाजिक कल्याण विभाग ने बेघर लोगों के लिए व्यवस्था की है.

नागपुर नगर निगम की उपायुक्त तथा समाजकल्याण अधिकारी डॉ. रंजना ने कहा कि पुलिस के साथ मिलकर हम बेघर लोगों को इस शेल्टर होम लेकर आए हैं. हमारे नगर निगम ने पांच शेल्टर होम बनाए हैं, 400 लोगों की रहने की व्यवस्था की गई है.