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महाराष्ट्र: विरोधी दल में मची है भगदड़, पार्टी छोड़ने के लिए कई लोग हैं कतार में

देश में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी बीजेपी के करीब जाने के लिए कई दलों के लोग पार्टी में एंट्री की संभावनाएं ढूंढ रहे हैं. 

महाराष्ट्र: विरोधी दल में मची है भगदड़, पार्टी छोड़ने के लिए कई लोग हैं कतार में
महाराष्ट्र विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील जल्द ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामेंगे.

मुंबई: देश में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी बीजेपी के करीब जाने के लिए कई दलों के लोग पार्टी में एंट्री की संभावनाएं ढूंढ रहे हैं. हाल ही कांग्रेस और दूसरे दल के छोड़कर आए हुए लोग बीजेपी में शामिल‌ होकर जीत का आनंद ले रहे हैं. कांग्रेस और दूसरे दलों को छोड़कर विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का दामन थामने वालों की संख्या में इजाफा‌ ही हो रही है. ‌‌‌आलम ये है कि विरोधी दल के सहयोगी ही आरोप लगा रहे हैं कि आस्तीन के सांप पाल रखे थे जिससे ये हालत हुई. 

महाराष्ट्र विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील जल्द ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामेंगे. ये लगभग तय माना जा रहा है. विरोधी दल की बैठक में नए विरोधी पक्ष नेता के चुनाव सहित आने वाले विधानसभा चुनाव में रणनीति क्या होगी इस पर चर्चा तो होती रही. घर छोड़कर सत्ता के नजदीक जाने वालों को लिए उपाय क्या हो इस पर भी विरोधी दल विचार मंथन करते रहा.

हालांकि, उत्तर प्रदेश और दूसरी जगह में कांग्रेस के साथ न देने वाले लेकिन महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ साथ खड़े समाजवादी दल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि 'आस्तीन का सांप पालने वाले' कभी इस बात का अंदाज नहीं लगा सकते कि आखिर साफ कब उन्हें डस लेगा. महाराष्ट्र में यही हुआ. सालों से पार्टी का लाभ लेते रहे लेकिन जब पार्टी को उनकी जरूरत पड़ी तो पार्टी छोड़कर सत्ता के करीब जाने के लिए राह तलाशने लगे.

महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष अबू आजमी ने कहा, "आने-जाने वाले लोग लगे रहते हैं. दूसरे दल में भी यहां आने के लिए लालायित हैं लेकिन रही बात कांग्रेस की तो कांग्रेस ने 'आस्तीन में हिस्सा पाल रखे थे जो नतीजा यह निकला लेकिन उनके जाने से ऐसा कुछ असर नहीं होने वाला है इस बार विरोधी दल पूरी तरह से एकजुट होकर लड़ेगा."  

अब अगर जाने वालों के फेहरिस्त देखे हैं तो इसमें कई ऐसे नाम हैं जो वर्षों तक पार्टी के साथ रहे हैं लेकिन अब पार्टी का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के लिए अपनी राह तलाश रहे हैं. महाराष्ट्र के विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील के बेटे सुजय पाटील हाल ही में बीजेपी में शामिल होकर अहमदनगर से चुनाव जीतकर सांसद बन चुके हैं. इसके बाद दूसरा नाम अब्दुल सत्तार का है, वही सतारा से जयकुमार गोरे का भी नाम कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वालों की सूची में है.

 

आशीष देशमुख और राहुल बेंद्रे भी पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थामने वालों की श्रृंखला में है. तकरीबन एक दशक तक महाराष्ट्र में साथ साथ सत्ता में रहने वाले एनसीपी का मानना है कि यह बीजेपी की कमजोरी झलकती है, क्योंकि इतनी संख्या के बावजूद भी कांग्रेस को नेताओं को अपने दल में शामिल करने का लालच देना यह दिखाता है कि आखिर बीजेपी की जमीन ज्यादा मजबूत नहीं है. 

एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा, "मुझे आश्चर्य होता है कि आखिर इतनी इतनी संख्या आने के बाद के बाद भी लोग दूसरे दल के नेताओं की तरफ क्यों देख रहे हैं इससे साफ जाहिर है कि उन नेताओं की पकड़ उन जगहों पर ज्यादा है. इसलिए चाहते यही है कि वह लोग उनके साथ जुड़ें।ऐसा नहीं है क्यों इधर से ही लोग वहां जा रहे हैं. उधर, कई ऐसे लोग भी हैं जिन्हें मौका नहीं मिला है. इसलिए यहां भी आना चाहते हैं इससे कोई असर नहीं होने वाला है."