महाराष्ट्र से बढ़ेंगी राज्यसभा में भाजपा की सीटें, विधान परिषद् सदस्यों में भी होगा इजाफा

2014 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या बढ़ी है जिसे देखते हुए राज्यसभा सीटें सत्तारूढ़ पार्टी के खाते में आने की पूर्ण संभावना है.

महाराष्ट्र से बढ़ेंगी राज्यसभा में भाजपा की सीटें, विधान परिषद् सदस्यों में भी होगा इजाफा

मुंबई: महाराष्ट्र की राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनावों के बाद राज्य से ऊपरी सदन मेंभाजपा सदस्यों की संख्या बढ़ने की पूर्ण संभवना है. गौरतलब है कि 2014 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या बढ़ी है जिसे देखते हुए राज्यसभा सीटें सत्तारूढ़ पार्टी के खाते में आने की पूर्ण संभावना है. राज्य में विधान परिषद् सदस्यों के लिए भी चुनाव होने हैं, उसमें भी भाजपा के सदस्यों की संख्या में वृद्धि होना लगभग तय है. वर्तमान में राज्यसभा में विपक्षी दलों कांग्रेस और राकांपा के पास दो- दो, जबकि शिवसेना और भाजपा के पास एक- एक सीटें हैं.

विधानसभा में 122 सदस्यों वाली भाजपा को इस बार प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें मिलना तय है. जबकि कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना के हिस्से में एक- एक सीटें आयेंगी. वहीं 78 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधान परिषद की 21 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव इसी साल के अंत में होने वाले हैं. फिलहाल विधान परिषद में भाजपा के18, कांग्रेस के 19 सदस्य हैं जबकि सदन में सबसे बड़ी पार्टी राकांपा के23 सदस्य हैं.

इस वर्ष रिक्त होने वाली 21 सीटों में से आठ राकांपा की, कांग्रेस और भाजपा की चार- चार, शिवसेना की दो, जबकि पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी और लोक भारती के एक- एक सदस्य हैं. सदन में एक निर्दलीय सदस्य भी है. इन 21 सीटों में से 11 विधायक कोटा के हैं, जिनमें से दो भाजपा की हैं, चार राकांपा की जबकि तीन कांग्रेस की हैं. मौजूदा स्थिति को देखें तो288 सदस्यीय विधानसभा में122 विधायकों वाली भाजपा विधान परिषद में पांच सीटें प्राप्त कर सकती है, जबकि कांग्रेस और राकांपा अपनी41-41 विधायकों के साथविधान परिषद में एक- एक सदस्य को जीत दिला सकते हैं.