मराठा आरक्षण के मुद्दे पर 11वीं की छात्रा ने की खुदकुशी

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में मराठा आरक्षण को लेकर 16 साल की एक लड़की ने कथित रूप से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली.

मराठा आरक्षण के मुद्दे पर 11वीं की छात्रा ने की खुदकुशी
प्रतीकात्मक फोटो

अहमदनगर: महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में मराठा आरक्षण को लेकर 16 साल की एक लड़की ने कथित रूप से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. तोपखाना थाने के निरीक्षक विशाल सनास ने बताया कि राधाबाई काले महिला महाविद्यालय में 11वीं कक्षा की छात्रा किशोरी बब्बन कनाडे ने सोमवार दोपहर अपने छात्रावास के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी.

उन्होंने बताया कि लड़की कपुरवाडा गांव के एक गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखती है. उसने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उसने कथित रूप से जिक्र किया है कि वह मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर 'बलिदान' दे रही है. सनास ने कहा कि लड़की ने सुसाइड नोट में जिक्र किया है कि इस साल शुरू में हुई 10वीं कक्षा की परीक्षा में उसे 89 प्रतिशत अंक मिले थे, लेकिन 11वीं कक्षा में विज्ञान विभाग में एडमिशन नहीं पा सकी.

एडमिशन का बोझ!
उन्होंने पत्र के हवाले से बताया कि लड़की के पिता जो किसान हैं, उन्हें अपनी बेटी के एडमिशन के लिए 8000 रुपये देने पड़े, जो गरीब परिवार पर बहुत बड़ा भार था, जबकि आरक्षित श्रेणी के बच्चों को 1000 रुपये में ही एडमिशन मिल गया. उन्होंने बताया कि लड़की ने कहा कि मराठा समुदाय में पैदा होने की वजह से उसने 'अन्याय' का सामना किया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की ने उम्मीद जताई कि उसका बलिदान मराठा समुदाय को आरक्षण के लिए किए जा रहे आंदोलन को बढ़ावा देगा. पिछले दो महीनों में करीब आठ लोग मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने के लिए अपनी जान दे चुके हैं.

(एजेंसी इनपुट के साथ)