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मुबंई में समुद्री किनारों पर फिर दिखी जहरीली जेलीफिश, गणेश विसर्जन पर बढ़ा सकती है परेशानी

पिछले साल भी विसर्जन में जहरीली जेलीफिश और स्टिंगरे के डंक मारने से कई लोग घायल हो गए थे. 

मुबंई में समुद्री किनारों पर फिर दिखी जहरीली जेलीफिश, गणेश विसर्जन पर बढ़ा सकती है परेशानी
फाइल फोटो

नई दिल्ली: दस दिनों की धूम के बाद गणेश चतुर्थी का त्योहार 23 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के मौके पर बप्पा की विदाई के साथ संपन्न होगा. अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन सुबह 8 बजे से 12 बजकर 30 मिनट तक, दोपहर 2 बजे से साढ़े तीन बजे तक किया जाएगा. लेकिन, मुंबई के लोगों की परेशानी को जहरीली जेलीफिश ने बढ़ा दिया है. दरअसल, गिरगांव चौपाटी में बड़ी मात्रा में जहरीली जेलीफिश दिखने से लोगों में हड़कंप मच गया है. ये जेलीफिश गणपति विसर्जन के दौरान लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है. आपको बता दें कि पिछले साल भी विसर्जन में जहरीली जेलीफिश और स्टिंगरे के डंक मारने से कई लोग घायल हो गए थे. 

पिछले महीने सरकार ने एक अडवाइजरी जारी कर लोगों को बीच पर जाने से मना किया था. इसकी वजह है किनारों पर जहरीली जेलीफिशों की मौजूदगी और उससे कई लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आई थी. हाल ही में जुहू, अक्सा और गिरगाम चौपाटी बीचों पर बड़ी संख्या में फिर जेलीफिश को देखा गया. गणेश विसर्जन के लेकर मुंबई नगर निगम ने तैयारियां की है. एक अधिकारी ने बताया कि लोगों को विसर्जन के दौरान जेलीफिश से सतर्क रहने की सलाह दी है. 

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इस मामले पर जानकार कहते हैं कि हर साल मॉनसून के वक्त समुद्री किनारों पर जेलीफिश आ जाती हैं. मॉनसून उनके लिए रीप्रोडक्शन का समय होता है. जेलीफिश के संपर्क में आने पर दर्द का अनुभव होता है और ये जिस बॉडी पार्ट के टच में आते हैं वो सुन्न हो जाता है. इसके अलावा कई केस में इनके टच की वजह से बहरेपन की भी शिकायत मिली है. विशेषज्ञों की सलाह है कि लंबे वक्त तक दर्द रहने पर मेडिकल की सहायता लेनी चाहिए.