मेरे खिलाफ अभूतपूर्व मीडिया ट्रायल चलाया गया: एकनाथ खड़से

महाराष्ट्र के मुश्किलों में घिरे राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से ने आज कहा कि उन्होंने भाजपा में नैतिक मूल्यों को कायम रखने के लिए पद से इस्तीफा दिया और पार्टी उनके खिलाफ लगाए गए ‘निराधार’ आरोपों को लेकर उनके पीछे दृढ़ता से खड़ी है।

मुंबई: महाराष्ट्र के मुश्किलों में घिरे राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से ने आज कहा कि उन्होंने भाजपा में नैतिक मूल्यों को कायम रखने के लिए पद से इस्तीफा दिया और पार्टी उनके खिलाफ लगाए गए ‘निराधार’ आरोपों को लेकर उनके पीछे दृढ़ता से खड़ी है।

खड़से ने अपना इस्तीफा सौंपने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से मिलने के तुरंत बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘मैं पिछले 40 वर्षों से राजनीति और पार्टी में काम कर रहा हूं, लेकिन इससे पहले कभी इस तरह के मीडिया ट्रायल का अनुभव नहीं किया।’ उन्होंने कहा, ‘मेरे खिलाफ अभूतपूर्व मीडिया ट्रायल चलाया गया। मैंने फडणवीस से मांग की है कि आरोपों की जांच होनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा मेरे पीछे दृढ़ता से खड़ी है और कल भी वह मेरे पीछे खड़ी रहेगी। पार्टी ने हमेशा नैतिक मूल्यों का पालन किया है। भाजपा की राय है कि आरोप लगने की स्थिति में व्यक्ति को पद पर नहीं रहना चाहिए।’ पुणे के बिल्डर हेमंत गवांडे ने आरोप लगाया है कि खड़से ने पुणे के निकट भोसारी के एमआईडीसी इलाके में अपनी पत्नी के नाम पर जमीन खरीदी। इन आरोपों पर भाजपा नेता ने कहा, ‘राजस्व विभाग ने कहा है कि एमआईडीसी भूखंड की खरीद के संबंध में कोई लेन-देन अवैध नहीं है।’

खड़से ने कहा, ‘मैंने वक्फ की जमीन, जिसपर अवैध तरीके से कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा था, को वापस लेने के लिए एक जीआर जारी किया और वो स्वाभाविक तौर पर उस फैसले का खामियाजा उठाएंगे।’ खड़से ने कहा कि उस जीआर से प्रभावित बड़े लोग उन्हें हटाने के अभियान के पीछे हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस और आप की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं आडवाणी और गडकरी के खिलाफ भी पहले इसी तरह के आरोप लगाए जा चुके हैं।’ खड़से ने हैकर मनीष भंगेल के दावे का उल्लेख करते हुए कहा, ‘पुलिस ने कहा है कि मेरे मोबाइल से न तो दाउद इब्राहिम को कोई कॉल किया गया और न ही वहां से कोई कॉल आया।’

उन्होंने कहा, ‘हैकर का मतलब चोर होता है और हैकिंग राजद्रोह का अपराध है। अगर वो सबूत नहीं दे सकते तो झूठे आरोप लगाने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।’ मछुआरों के संघ ने उनपर मछली पकड़ने के लिए जाल वाले जहाजों का समर्थन करने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि इन जाल वाले जहाजों का समर्थन करने के लिए नियमों में फेर-बदल करने के लिए 15 करोड़ रपये का सौदा हुआ है। इन आरोपों पर खड़से ने कहा कि उन्होंने इस तरह का कोई फैसला नहीं किया है।

राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उनके निजी सहायक गजानन पाटिल को मुंबई के एक सामाजिक उद्यमी से भूमि आवंटन के मामले को लेकर 30 करोड़ रपये मांगने के आरोप में गिरफ्तार करने का उल्लेख करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘मैंने संबंधित प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसलिए कैसे कोई दावा कर सकता है कि गजानन पाटिल ने 30 करोड़ रुपये मांगे थे।’ खड़से ने कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि अगर आरोपों में तनिक भी सच्चाई हुई तो मैं पद पर नहीं रहूंगा।’