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महाराष्‍ट्र में बाढ़ के बाद बीमारियां फैलने का बढ़ा डर, सरकार बेखबर

प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ का पानी चला गया है लेकिन कई इलाको में कीचड़ का साम्राज्य फैला है.

महाराष्‍ट्र में बाढ़ के बाद बीमारियां फैलने का बढ़ा डर, सरकार बेखबर
बारिश के कारण कई इलाकों की हालत खराब है.

मुंबई: ठाणे के पास बदलापूर में लगातार दो दिन से हो रही बारीश का सबसे बडा असर दिखाई दिया है. यहां कुछ इलाके ऐसे थे की जिसमें इमारत के निचले हिस्से के घर लगभग आठ फिट पानी में थे. इन इलाकों में खड़ी गाड़ियों का काफी नुकसान हुआ है. अब जब बाढ़ का पानी चला गया है तब इस इलाके में कीचड़ का साम्राज्य फैला है. बाढ़ अपने साथ काफी गंदगी भी ले आया है. जिसके कारण अब यहां कई बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है. 

बदलापूर पश्चिम में अयोध्या गृहसंकुल इलाका है. यहां पर 10 इमारतें हैं. 26 से 28 जुलाई की सुबह तक हुई बारिश के बाद स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस दौरान रविवार की सुबह बारिश कम हुई. तब तक यहां के ग्राऊंड फ्लोर के सभी घरों में लगभग सात से आठ फिट तक पानी भर चुका था. बारिश के पानी के साथ कीचड़ और गंदगी घरों मे आ चुकी है. इस दौरान कई घरों में दलदल जैसी स्थिती हो गयी है. इलाके में पानी भरने के दौरान  ग्राऊंड फ्लोर पर रहनेवाले लोगों को उपरी मंजिल में रहनेवाले लोगों ने अपने घरों में जगह दी. 

मीडिया से बातचीत में ग्राऊंड फ्लोअर पर रहनेवाले लोगो ने बताया, "यह काफी भयानक स्थिती थी. बारिश जैसे जैसे तेज होती गयी तब घरो में पानी भरता चला गया. जब पानी बिलकुल कमर तक आया तो हम लोग उपरी मंजिल में चले गए. 26 जुलाई की रात लगातार और 27 जुलाई को भारी बरसात होती रही. निचले घरो में पुरा पानी भर चुका था. रविवार की सुबह जब हम अपने घरो में लोटे तो भी पानी था. घरो में किच़ड गंदगी फैली थी. घर की कोई भी चीज इस्तेमाल करने लायक नही रही. सब कुछ बरबाद हो गया."

इस दौरान अयोध्या गृहसंकुल इलाके में 200 बाईक्स और लगभग 50 से 60 गाड़ियां खड़ी थीं. यह सभी गाड़ियां पानी पर तैर रही थी. इन सभी गाड़ियों में पानी और कीचड़ जा चुका है. यह गाड़ियां बिलकुल भी काम की नहीं रही. 

अयोध्या गृहसंकुल की तरह ही यहां पर लगभग 20 से 25 सोसायटी ऐसी है जहां पर ग्राऊंड फ्लोर के घर दो दिनों तक पानी में थे. जिस कारण लगभग 5000 लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा.

दुसरी ओर उल्हास नदी के 500 मीटर दूरी पर बने सहवास वृध्दाश्रम की स्थिती बारीश के इन दो दिनो में बदसेबदतर रही. यहाँ पर 35 से जादा वृद्ध रहते हैं. जिनकी व्यवस्था देखने के लिए पास ही के आदिवासी गांव ने रहनेवाले दो केअर टेकर है. पानी जैसे जैसे बढ़ता गया इस वृध्दाश्रम से संपर्क टूटा. निचली मंजिल पर पानी भरने से सभी वृद्धों को उपरी मंजिल ले जाया गया. इस दौरान वृद्धों को 26 की रात और 27 की दोपहर तक खाना भी नहीं मिल सका. शाम को दो केअर टेकर नांव मे सवार होकर पास के गांव में पहुंचे वहां से इन लोगों के लिए खाना लाया गया. 

आपको बता दें कि इनमें से कुछ वृध्दो की स्थिति नाजूक है उन लोगो को का खयाल अन्य लोगो ने रखा. अब पानी का रिसाव होने के बाद लगभग 28 घंटे बाद इस वृध्दाश्रम तक रेस्कू टीम पहुंची. यहाँ की स्थिती सामान्य करने की कोशिश जारी हो गयी है.

बदलापूर पूर्व से पश्चिम जानेवाला नाले ने काफी नुकसान किया. जिसके लिए स्थानिक इस इलाके में हुए कंस्ट्रक्शन को जिम्मेदार मानते है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ''यह नाला सीधे रेषा में नही है, जिसने जैसे चाहा वैसे मोड़ दिया. ऐसे में बांध का पानी जैसे ही आया तो वह कई जगह पर अटकता हुआ आया. जहां पर अटका वहां पर भारी नुकसान किया. दिवार फांद कर पानी इमारतों में चला आया. यह नाला आगे जाकर उल्हास नदी को मिलता है. उल्हास नदी उफान पर थी तो पानी उल्टा आया और नुकसान करके चला गया''

इसके अलावा अब बारिश रुकने से बदलापूर शहर भी धीरे-धीरे संभल रहा है. अब भी शहर के कई इलाको मे कीचड़ और गंदगी है. इसके अलावा यहां प्लास्टिक की थैलियां बिखरी पड़ी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कई बीमारियां फैल सकती हैं. वहीं, बारिश के दौरान पानी बढ़ने के बाद यहां की बिजली काट दी गई थी. अब तक बिजली को सुचारू तरीके से शुरू नहीं किया गया है.