फडणवीस के सहयोगी वीजा दस्तावेज लाना ‘भूले’, अमेरिका जाने वाली उड़ान में देरी

राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया की मुंबई से नेवार्क जाने वाली उड़ान में उस समय करीब एक घंटे की देरी हुयी जब पता लगा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ यात्रा करने वाले उनके एक सहयोगी अपने पासपोर्ट के साथ वैध वीजा नहीं लाए थे।

फडणवीस के सहयोगी वीजा दस्तावेज लाना ‘भूले’, अमेरिका जाने वाली उड़ान में देरी

नई दिल्ली : राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया की मुंबई से नेवार्क जाने वाली उड़ान में उस समय करीब एक घंटे की देरी हुयी जब पता लगा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ यात्रा करने वाले उनके एक सहयोगी अपने पासपोर्ट के साथ वैध वीजा नहीं लाए थे।

फड़णवीस ने कहा, ‘यह आरोप कि मैने नेवार्क उड़ान में देरी करायी, गलत और गुमराह करने वाला है।’ संपर्क किए जाने पर एयर इंडिया प्रवक्ता ने कहा कि उड़ान एआई.191 में विभिन्न कारणों से 57 मिनट की देरी हुयी। इसी उड़ान से फड़णवीस भी यात्रा कर रहे थे।

विभिन्न सवालों के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि उड़ान में 57 मिनट की देरी हुयी और उसके कारण परिचालन, तकनीकी थे। इसके अलावा एटीसी की वजह से भी कुछ देरी हुयी।

यह घटना सोमवार को हुयी जब फड़णवीस एक सप्ताह की अमेरिका यात्रा पर रवाना हो रहे थे। उनके साथ उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, मुख्य सचिव स्वाधीन क्षत्रिय और प्रधान सचिव प्रवीण परदेसी के अलावा प्रतिनिधिमंडल के कुछ अन्य सदस्य भी थे।

सूत्रों के अनुसार परदेशी को चेक.इन में क्लीयरेंस मिल गयी लेकिन सवार होने के पहले उन्हें रोका गया क्योंकि उनके पास पासपोर्ट के साथ वैध वीजा नहीं था।

सूत्रों ने बताया कि प्रधान को उनके पुराने पासपोर्ट पर अमेरिकी वीजा मिला था लेकिन यह उनके उस नए पासपोर्ट में दर्ज नहीं था जो उनके पास था। उन्होंने तुरंत अपना पुराना पासपोर्ट मंगाने की व्यवस्था की जिसपर वैध अमेरिकी वीजा स्टांप था। इसके बाद उन्हें यात्रा की अनुमति दी गयी।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने उड़ान में देरी की जांच कराए जाने की मांग की। उन्होंने अधिकारियों पर भी निशाना साधा और कहा कि एयर इंडिया के अधिकारियों ने दबाव में नियमों का उल्लंघन किया।

चव्हाण ने कहा,‘प्रधानमंत्री को कार्रवाई करनी चाहिए। मुझे नहीं मालूम कि क्या वह फडणवीस के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।’ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि यह मामला काफी गंभीर है और सिर्फ एक अधिकारी के पासपोर्ट भूल जाने की वजह से डेढ़ घंटा व्यर्थ हुआ। उन्होंने भी मामले की जांच कराए जाने की मांग की।