भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे महाराष्‍ट्र के राजस्‍व मंत्री एकनाथ खड़से ने दिया इस्तीफा

भूमि सौदे में अनियमितता एवं अन्य आरोपों से घिरे महाराष्ट्र के राजस्‍व मंत्री एकनाथ खडसे ने शनिवार को अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया। जानकारी के अनुसार, खड़से ने राज्य के मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से उन्हें स्पष्ट और कड़े संकेत दिए जाने के बाद उन्होंने इस्तीफे का फैसला किया।

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे महाराष्‍ट्र के राजस्‍व मंत्री एकनाथ खड़से ने दिया इस्तीफा

मुंबई : भूमि सौदे में अनियमितता एवं अन्य आरोपों से घिरे महाराष्ट्र के राजस्‍व मंत्री एकनाथ खडसे ने शनिवार को अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया। जानकारी के अनुसार, खड़से ने राज्य के मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से उन्हें स्पष्ट और कड़े संकेत दिए जाने के बाद उन्होंने इस्तीफे का फैसला किया। आलाकमान से उन्हें संदेश दे दिया गया था कि उनके पास इस्तीफा देने के सिवाय और कोई चारा नहीं बचा है क्योंकि उनके पद पर बने रहने से मंत्रालय की छवि खराब होगी जिसकी कमान भाजपा संभाल रही है।

खड़से ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पर उनसे मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी प्रमुख अमित शाह को इस मुद्दे की जानकारी दी थी।

राज्य कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभालने वाले और सरकार में ‘नंबर दो’ समझे जाने खड़से पिछले कुछ समय से विभिन्न आरोपों का सामना कर रहे थे जिनमें पुणे में भूमि सौदे में अनियमितता, माफिया डान दाउद इब्राहिम के कराची स्थित आवास से खड़से को फोन आने तथा उनके ‘पीए’ की ओर से कथित रूप से रिश्वत मांगे जाने समेत विभिन्न मामले शामिल हैं।

उन पर आरोप है कि उन्होंने पुणे में अपनी पत्नी तथा दामाद के नाम पर 3.75 करोड़ रूपये की मामूली कीमत पर महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम की तीन एकड़ जमीन इसके असली मालिक से खरीदी थी। बताया जाता है कि जमीन की बाजार कीमत 40 करोड़ रुपये है। इन आरोपों से विचलित हुए बिना खड़से कल शाम तक कह रहे थे कि भाजपा के केंद्रीय कमान से उन्हें उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर कोई निर्देश नहीं मिला है। उन्होंने इन आरोपों को भी बेबुनियाद बताया था। न केवल विपक्षी कांग्रेस और राकांपा बल्कि सरकार की घटक पार्टी शिवसेना ने भी मांग की थी कि खडसे को कैबिनेट से निकाला जाए।

इस बीच, खड़से के लिए उस वक्त और मुश्किल पैदा हो गई जब एक चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन कर दिया जिसमें एक पुलिस अधिकारी दावा कर रहा है कि खड़से ने व्हिसल ब्लोवर हेमंत गवांदे के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए दबाव बनाया।