महाराष्ट्र के दो विधायकों ने मराठा आरक्षण आंदोलन के समर्थन में ‘इस्तीफा’ दिया

महाराष्ट्र के औरंगाबाद से शिवसेना और एनसीपी के एक - एक विधायक ने मराठा आरक्षण मांग के समर्थन में इस्तीफे की पेशकश की. 

महाराष्ट्र के दो विधायकों ने मराठा आरक्षण आंदोलन के समर्थन में ‘इस्तीफा’ दिया

मुंबई: महाराष्ट्र के औरंगाबाद से शिवसेना और एनसीपी के एक - एक विधायक ने मराठा आरक्षण मांग के समर्थन में आज इस्तीफे की पेशकश की. मराठवाड़ा क्षेत्र में आने वाला औरंगाबाद मराठा आरक्षण आंदोलन का केन्द्र बनकर उभरा है. इस्तीफे की पेशकश करने वाले विधायकों में हर्षवर्धन जाधव (शिवसेना) और भाऊसाहेब पाटिल चिकटगांवकर (एनसीपी) शामिल हैं जो क्रमश: कन्नड़ और वैजापुर विधानसभा सीट से प्रतिनिधि हैं.

जाधव बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रावसाहेब दानवे के दामाद हैं. उन्होंने हाल में घोषणा की थी कि अगर मराठा समुदाय की मांग पूरी नहीं की गई तो वे इस्तीफा दे देंगे. जाधव ने विधानसभाध्यक्ष हरिभाऊ बागड़े को लिखे एक पत्र में लिखा है कि वह आज दोपहर में अपना इस्तीफा दे रहे हैं. 

संपर्क किए जाने पर जाधव ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभाध्यक्ष को ईमेल कर दिया है और वह कल मुंबई में उन्हें निजी तौर पर भी सौंपेंगे. राज्य और केंद्र सरकारों में बीजेपी नीत सरकारों की घटक शिवसेना के 288 सदस्यीय सदन में 63 विधायक हैं. विधानसभा अध्यक्ष को भेजे त्यागपत्र में चिकटगांवकर ने कहा कि मराठा आंदोलन के दौरान गोदावरी नदी में कूदकर 23 जुलाई को खुदकुशी करने वाले काकासाहेब शिंदे वैजापुर सीट के कनाडगांव के निवासी थे. उन्होंने कहा, "मुझे उनकी मौत पर दुख है. मराठों के आत्मसम्मान के बारे में सोचते हुए मैं अपना इस्तीफा दे रहा हूं." 

 

 

सरकार वार्ता के लिए तैयार : फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को 'कुछ नेताओं' पर महाराष्ट्र में जातियों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने कहा कि आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मराठा समुदाय को सरकार के साथ वार्ता के लिए आगे आना चाहिए न कि आंदोलन और हिंसा का सहारा लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार समुदाय को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन यह मुद्दा बंबई उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है.

 

 

फडणवीस ने बयान जारी कर कहा कि दो वर्ष पहले मराठा आंदोलनकारियों द्वारा शांतिपूर्ण मार्च निकालने के बाद उनकी सरकार ने समुदाय के कल्याण के लिए कई निर्णय किए. मराठा संगठनों ने आज मुंबई और आसपास के इलाकों में बंद का आह्वान किया था जिसके बाद कुछ स्थानों पर हिंसा भड़क उठी.