अंगदान के प्रति जागरूकता के लिए दौड़ी मुंबई

इस मौके पर एक तरफ जहां लोगों में अंगदान को लेकर होने वाली शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया गया. तो, वहीं सैकड़ों लोगों ने इस दौरान अंगदान करने का संकल्प भी लिया. 

अंगदान के प्रति जागरूकता के लिए दौड़ी मुंबई
जागरूकता के लिए लोगों ने सुबह से ही जुटना शुरू कर दिया.

नई दिल्ली/मुंबई, (विनय तिवारी): देश में हर साल प्रत्यारोपन के लिए समय पर अंग नहीं मिलने से तकरीबन 5 लाख लोगों की जान चली जाती है.हमारे देश में अंगदान को बहुत महत्व दिया जाता हैं, क्योंकि अंगदान देना किसी को जिंदगी देने जैसा होता है. वहीं, मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस साल अंगदान में कमी देखने को मिली है. लोगों में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मुंबई के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक केईएम अस्पताल के मेडिकल छात्रों द्वारा मैराथन का आयोजन किया गया. 

लोगों को अंगदान लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से रविवार (23 दिसंबर) को केईएम अस्पताल के मेडिकल छात्रों द्वारा मैराथन का आयोजन किया गया. इस मैराथन में एक हजार से ज्यादा लोगों ने भाग लिया. मैराथन में युवाओं ने अंगदान के मैसेज के साथ 3, 5 और 10 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लिया. 

इस मौके पर एक तरफ जहां लोगों में अंगदान को लेकर होने वाली शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया गया. तो, वहीं सैकड़ों लोगों ने इस दौरान अंगदान करने का संकल्प भी लिया. आपको बता दें कि एक कैडावर डोनेशन से 4-6 लोगों को नई जिंदगी की सौगात मिलती है. आपको बता दें कि देश में साल 1995 से चुनिंदा अस्पतालों में प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हुई हो, लेकिन अंगदान को लेकर बढ़ावा देश में साल 2010 के बाद देखने को मिला है.