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1993 मुंबई ब्‍लास्‍ट के दोषी याकूब मेमन के भाई को पुलिस ने दी थी गुप्त चिट्ठी

मुंबई में 1993 के श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों के सिलसिले में मौत की सजा पाने वाले एकमात्र दोषी याकूब मेमन को गुरुवार सुबह फांसी दे दी गई और इसके साथ ही वह पिछले चार सालों में आतंकी मामलों में ऐसा तीसरा दोषी बन गया जिसे फांसी दी गई। याकूब मेमन को आज नागपुर केंद्रीय कारागार में फांसी दी गई जिसका आज 53वां जन्मदिन था।

1993 मुंबई ब्‍लास्‍ट के दोषी याकूब मेमन के भाई को पुलिस ने दी थी गुप्त चिट्ठी

नागपुर : मुंबई में 1993 के श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों के सिलसिले में मौत की सजा पाने वाले एकमात्र दोषी याकूब मेमन को गुरुवार सुबह फांसी दे दी गई और इसके साथ ही वह पिछले चार सालों में आतंकी मामलों में ऐसा तीसरा दोषी बन गया जिसे फांसी दी गई। याकूब मेमन को आज नागपुर केंद्रीय कारागार में फांसी दी गई जिसका आज 53वां जन्मदिन था।

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने याकूब मेमन की याचिका खारिज कर दी। मेमन ने अपनी फांसी रोकने के लिए यह याचिका दायर की थी। मीडिया में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों वालीं बेंच के बुधवार को सुनवाई शुरू करने से पहले एक नागपुर पुलिस के एक कॉन्स्टेबल ने याकूब मेमन के भाई सुलेमान को शहर के एक होटेल में गुप्त चिट्ठी सौंपी थी।

हालांकि, इस चिट्ठी में क्या लिखा है इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। मगर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस चिट्ठी में याकूब के परिवारवालों को बताया गया था कि उसे नागपुर सेंट्रल जेल में गुरुवार सुबह सात बजे फांसी दी जाएगी।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, होटेल के जनरल मैनेजर ने बताया कि पुलिस कॉन्स्टेबल होटल की चौथी मंजिल पर गया, जहां याकूब के भाई सुलेमान ठहरे हुए थे। इस कॉन्स्टेबल ने सुलेमान से मिलने के बाद एक लेटर पर साइन भी करवाया।