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मुंबई लोकल की सेन्ट्रल लाइन अब भगवान भरोसे, अधिकारियों ने कराई नवग्रह पूजा

सेन्ट्रल लाइन की ट्रेन मुंबई के सीएसटी से शुरु होकर खपोली तक जाती है. इन लोकल ट्रेनो में रोजाना तकरीबन 20 लाख से ज्यादा लोग सफर करते हैं.

मुंबई लोकल की सेन्ट्रल लाइन अब भगवान भरोसे, अधिकारियों ने कराई नवग्रह पूजा
सेन्ट्रल रेलवे रोजाना 1772 सर्विस चलाता है.

मुंबई: 'ओम लोकल ट्रेन को रोकने वाली शक्ति खत्म हो फट् स्वाहा', 'ओम ट्रेनो के चलने में गड़बड़ी ना हो फट् स्वाहा', 'ट्रेने सही से चलती रहे फट् स्वाहा'. अब आप सोच रहे होंगे कि ये ट्रेनो को लेकर मंत्र क्यो लिखे जा रहे हैं,तो मैं आपको बता दूं कि मुंबई लोकल की सेन्ट्रल लाइन पर ट्रेन ठीक से चले इसके लिए सेन्ट्रल रेलवे के अधिकारियों ने नवग्रह देवताओ की पूजा कराई.

यह पूजा शनिवार के दिन कराई गई. लेकिन पूजा किए एक हफ्ते भी नहीं हुए, बुधवार को कल्याण से विठ्ठलवाणी स्टेशन के बीच लोकल ट्रेन का ओवर हेड वायर टूट गया और ट्रेनो की सेवा बुरी तरह से बाधित हुई. पूजा को लेकर शुरु हुए विवाद के बाद सेन्ट्रल रेलवे की तरफ से सफाई पेंश की गई कि पूजा हमेशा की जाती है. उसे ट्रेने से ना जोड़ा जाए. उनका कहना है कि कुछ कर्मचारियों ने पूजा रखवाई थी और उसमे अधिकारियो को बुलाया तो वो सिर्फ पूजा में आर्शीवाद लेने के लिए गए थे.       

सेन्ट्रल लाइन की ट्रेन मुंबई के सीएसटी से शुरु होकर खपोली तक जाती है. इन लोकल ट्रेनो में रोजाना तकरीबन 20 लाख से ज्यादा लोग सफर करते हैं. सेन्ट्रल लाइन में ही हार्बर लाइन को भी शामिल किया जाता है, जो मुंबई के सीएसटी से शुरु होकर पनवेल तक जाती है. इस लाइन पर भी लाखो लोग सफर करते हैं.          

एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल सिर्फ 6 महीने के दौरान 400 से ज्यादा ट्रेने कैंसल की गई इन 400 कैंसल की कई सेवाओं में 180 ट्रेने तो सिर्फ इसलिए नहीं चल पाई की क्योंकि परटियों पर पत्थर आ गए थे. 3000 से ज्यादा सेवाएं देर से चली.  ऐसे में आप खुद ही अंदाजा लगा सकते है कि यात्रियों को कितनी परेशानी का सामना करना पड़ा होगा.

सेन्ट्रल रेलवे रोजाना 1772 सर्विस चलाता है. ट्रेनों के चलाने में सेन्ट्रल रेलवे के तकरीबन 3500-4000 कर्मचारी लगते हैं. ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते है कि कितान भारी भरकम स्टाफ लगता है इन ट्रेनो को चलाने में. लेकिन इतने लोगो के बाद ही ट्रेनो को ठीक से चलाया ना जा सके, ट्रेने कैंसल हो, रूक जाए, यात्रियों को परेशानी हो तो भगवान ऐसे लोगों की कितनी मदद करेंगे.

( इनपुट- देवेन्द्र कोल्हटकर, त्रिपाठी )