समुद्री जल को पीने योग्य बनाने के लिए तीन बंदरगाहों पर लगेंगे प्लांट: नितिन गडकरी

पेय जल की मांग को पूरा करने के लिए देश के तीन प्रमुख बंदरगाह- पारादीप, एन्नौर, चिदंबरनार- में समुद्री जल की रीसाइक्लिंग और विलवणीकरण (डेसालिनेट) के लिए संयंत्र लगाए जाएंगे .

समुद्री जल को पीने योग्य बनाने के लिए तीन बंदरगाहों पर लगेंगे प्लांट:  नितिन गडकरी
गडकरी ने कहा कि इससे संयंत्र का इस्तेमाल समुद्री जल को पीने योग्य बनाने के लिए किया जाएगा.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: पेय जल की मांग को पूरा करने के लिए देश के तीन प्रमुख बंदरगाह- पारादीप, एन्नौर, चिदंबरनार- में समुद्री जल की रीसाइक्लिंग और विलवणीकरण (डेसालिनेट) के लिए संयंत्र लगाए जाएंगे. केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यह बात कही. इस संबंध में निर्णय प्रमुख बंदरगाहों के चेयरपर्सन की बैठक में लिया गया.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पोत परिवहन मंत्रालय के अधीन आने पारादीप बंदरगाह, कामराज बंदरगाह और वीओ चिदंबरनार बंदरगाह अपने परिसर में पानी रीसाइक्लिंग और समुद्र के पानी के अलवणीकरण के लिए तैयार हैं. गडकरी ने कहा कि इससे संयंत्र का इस्तेमाल समुद्री जल को पीने योग्य बनाने के लिए किया जाएगा. 

गडकरी ने जलमार्गों के सुधार पर दिया जोर
आपको बता दें कि केन्द्रीय नौवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लॉजिस्टिक्स की लागत में कटौती करने के लिए देश के जलमार्गों में सुधार पर जोर दिया और कहा कि यह अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करेगा. यह बात गडकरी ने अपने सुंदर तटों के लिए मशहूर तटीय राज्य के उत्तरी और दक्षिणी जिलों को जोड़ने वाली वास्को एवं ओल्ड गोवा के बीच नौका सेवा की शुरूआत के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कही थी. केन्द्रीय नौवहन मंत्री ने कहा, ‘‘ हमारे देश की तटरेखा 7500 किलोमीटर लंबी है जो राष्ट्र के विकास में मदद कर सकती है और पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकती है. ’’

गडकरी ने कहा, ‘‘ आपने देखा कि तटरेखा गोवा के पर्यटन के लिए एक वरदान रही है और पर्यटन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि 49 प्रतिशत पूंजीगत निवेश का उपयोग रोजगार सृजन में होता है. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री हूं और अगर कोई सड़क मार्ग से सफर करना चाहता है तो उसकी लागत1.5 रूपये( प्रति किलोमीटर), रेलमार्ग से 1.00 रूपये( प्रति किलोमीटर) और जलमार्ग से 20 पैसे( प्रति किलोमीटर) है. ’’ केन्द्रीय नौवहन मंत्री ने कहा, ‘‘ लॉजिस्टिक्स लागत में कटौती के लिए हमें जल परिवहन पर जोर देना होगा. 

इनपुट भाषा से भी