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मालेगांव ब्लास्ट: लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित ने कोर्ट से कहा- CBI ने ब्लास्ट मामले में कभी नहीं की बातचीत

वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी पुरोहित को यहां 18 मई, 2007 को मक्का मस्जिद में विस्फोट से संबंधित मामले में सीबीआई ने गवाह के रूप में सूचीबद्ध किया है.

मालेगांव ब्लास्ट: लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित ने कोर्ट से कहा- CBI ने ब्लास्ट मामले में कभी नहीं की बातचीत
उन्होंने इस बात को खारिज किया कि मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में सीबीआई ने उनसे पूछताछ की थी.(फाइल फोटो)

हैदराबाद: वर्ष 2007 में मक्का मस्जिद बम विस्फोट मामले में गवाह लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित यहां अदालत में अपने बयान से पलट गये. वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी पुरोहित को यहां 18 मई, 2007 को मक्का मस्जिद में विस्फोट से संबंधित मामले में सीबीआई ने गवाह के रूप में सूचीबद्ध किया है. इस विस्फोट में नौ लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे. बाद में इस मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया था. अभियोजन पक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि यहां की एक सत्र अदालत ने अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर पुरोहित को तलब किया था. अपने नये बयान में पुरोहित ने कहा कि वह सेना में एक खुफिया अधिकारी के रूप में काम करते थे और वह जिस किसी से भी वह मिले, अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के दौरान मिले.

उन्होंने इस बात को खारिज किया कि मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में सीबीआई ने उनसे पूछताछ की थी. उन्होंने अदालत में दावा किया कि नासिक जेल में बंद होने के दौरान सीबीआई ने कभी भी उनका बयान रिकार्ड नहीं किया. सीबीआई की दलील का खंडन करते हुए पुरोहित ने कहा कि वह एक आरोपी भरत भाई को नहीं जानते. वह एक अन्य आरोपी स्वामी असीमानंद को जानते हैं लेकिन कभी भी दोनों ने एक सह आरोपी सुनील जोशी की मौत के बारे में बात नहीं की.

यह भी पढ़ें- मालेगांव ब्लास्ट: 7 फरवरी को साध्वी प्रज्ञा, पुरोहित के खिलाफ तय किए जा सकते हैं आरोप

उच्चतम न्यायालय ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में पुरोहित को अगस्त 2017 में जमानत दे दी थी. हैदराबाद की अदालत ने अब तक मक्का मस्जिद मामले में 222 गवाहों से पूछताछ की है. मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी. मामले के आठ आरोपियों में से दो स्वामी असीमानंद और भरत भाई जमानत पर हैं जबकि तीन अन्य जेल में हैं. दो आरोपी फरार हैं जबकि एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की मौत हो गई है.

4 आरोपियों पर से हटाया गया MCOCA
साल 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए ब्लास्ट मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित़़, साध्वी प्रज्ञा, रमेश उपाध्याय और अजय राहिकर को मकोका (MCOCA) में बरी कर दिया गया था. अब इन सभी आरोपियों पर UAPA के तहत मुकदमा चलेगा. विशेष एनआईए अदालत ने वर्ष 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले के तीन आरोपियों श्याम साहू, शिवनारायण कालसंगरा और प्रवीण तकलकी को सभी आरोपों से मुक्त किया है. वहीं अदालत ने साध्वी प्रज्ञा, लेफ्टिनेट कर्नल पुरोहित और अन्य आरोपियों के खिलाफ यूएपीए और आईपीसी के तहत आपराधिक साजिश के आरोप तय किये थे. हालांकि लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित़़, साध्वी प्रज्ञा, रमेश उपाध्याय और अजय राहिकर को मकोका (MCOCA) में बरी कर दिया गया था. 

29 सितंबर 2008 को मालेगांव में अंजुमन चौक पर शकील गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के सामने जोरदार बम धमाका हुआ था, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी और 101 लोग घायल हुए थे. जांच के बाद पता चला था कि धमाका करने के लिए LML फ्रीडम मोटरसाइकिल में विस्फोटक फिट किया गया था.

जमानत पर बाहर हैं ले.कर्नल पुरोहित
मालेगांव धमाके के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं. वे इसी साल अगस्त में जेल से बाहर आए थे. उन्हें लेने के लिए सेना की तीन गाड़ियां तलोजा जेल पहुंची थीं. तालोजा जेल से रिहा होने के बाद सेना की दक्षिण कमान यूनिट (खुफिया विंग) को रिपोर्ट की. हालांकि कर्नल पुरोहित पर अनुशासनात्मक और निगरानी (डिसिप्लिनरी एंड विजिलेंस) प्रतिबंध लागू रहेगा यानी वह निलंबन के तहत यूनिट में रहेंगे. उनको किसी सक्रिय ड्यूटी पर नहीं तैनात किया गया है. उनकी आवाजाही पर भी कुछ प्रतिबंध होंगे यानी कुल मिलाकर वह ओपेन अरेस्ट रहेंगे.

मालेगांव धमाका ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने की दिशा में एक कदम था
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने 2008 के मालेगांव बम धमाका मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और अन्य आरोपियों पर आतंकवाद के आरोपों में मुकदमा चलाने का आदेश दिया

इनपुट भाषा से भी