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मालेगांव ब्लास्ट: 7 फरवरी को साध्वी प्रज्ञा, पुरोहित के खिलाफ तय किए जा सकते हैं आरोप

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत आगामी सात फरवरी को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर सकती है.

मालेगांव ब्लास्ट: 7 फरवरी को साध्वी प्रज्ञा, पुरोहित के खिलाफ तय किए जा सकते हैं आरोप
मालेगांव ब्लास्ट मामला (फाइल फोटो)

मुंबई: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत आगामी सात फरवरी को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर सकती है. मामला आज सूचीबद्ध किया गया. न्यायाधीश के उपलब्ध ना होने के कारण मामले में सुनवाई सात फरवरी तक के लिए टाल दी गई. अदालत ने गत 27 दिसंबर को मामले से बरी करने के लिए दायर की गई आरोपियों की याचिकाएं खारिज कर दी थीं. हालांकि अदालत ने आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और मकोका की कुछ धाराएं हटा दी थीं जिनके तहत उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है.

कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सहित 4 आरोपियों पर से हटाया गया MCOCA
इससे पहले 27 दिसंबर को साल 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए ब्लास्ट मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित़़, साध्वी प्रज्ञा, रमेश उपाध्याय और अजय राहिकर को मकोका (MCOCA) में बरी कर दिया गया था. जिसके बाद सभी आरोपियों पर UAPA के तहत मुकदमा चलेगा. अदालत ने साध्वी प्रज्ञा, लेफ्टिनेट कर्नल पुरोहित और अन्य आरोपियों के खिलाफ यूएपीए और आईपीसी के तहत आपराधिक साजिश के आरोप तय किए गए थे.

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जमानत पर बाहर हैं ले.कर्नल पुरोहित
मालेगांव धमाके के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं. वे इसी साल अगस्त में जेल से बाहर आए थे. उन्हें लेने के लिए सेना की तीन गाड़ियां तलोजा जेल पहुंची थीं. तालोजा जेल से रिहा होने के बाद सेना की दक्षिण कमान यूनिट (खुफिया विंग) को रिपोर्ट की. हालांकि कर्नल पुरोहित पर अनुशासनात्मक और निगरानी (डिसिप्लिनरी एंड विजिलेंस) प्रतिबंध लागू रहेगा यानी वह निलंबन के तहत यूनिट में रहेंगे. उनको किसी सक्रिय ड्यूटी पर नहीं तैनात किया गया है. उनकी आवाजाही पर भी कुछ प्रतिबंध होंगे यानी कुल मिलाकर वह ओपेन अरेस्ट रहेंगे.

मालेगांव धमाका ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने की दिशा में एक कदम था
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने 2008 के मालेगांव बम धमाका मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और अन्य आरोपियों पर आतंकवाद के आरोपों में मुकदमा चलाने का आदेश दिया था. इस दौरान कोर्ट ने कहा था कि वे एजेंसी की इस दलील को स्वीकार कर रही है कि वे एक ‘‘हिंदू राष्ट्र’’ बनाना चाहते थे और धमाका दरअसल इसी लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उठाया गया कदम था.

(इनपुट एजेंसी से भी)