योगी के हेलीकॉप्टर को उतरने की परिमिशन न देने वालीं ममता अब खुद चॉपर को तरसीं, लगाया ये आरोप

योगी के हेलीकॉप्टर को उतरने की परिमिशन न देने वालीं ममता अब खुद चॉपर को तरसीं, लगाया ये आरोप

ममता ने दो दिन पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं दी थी.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में इस समय 'हेलीकॉप्टर के खेल' जारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के रायगंज और बालूरघाट में जनसभा को संबोधित करने वाले थे, लेकिन उनके हेलीकाप्टर को उतरने नहीं दिया गया था. आज योगी आदित्यनाथ झारखंड में बोकारों में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद रोड से पुरुलिया पहुंचे हैं. अब हेलीकॉप्टर के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तरसने की नौबत आ गई है. दुखी होकर उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर कंपनी ने एडवांस बुकिंग के बाद उन्हें हेलीकॉप्टर नहीं दे रही है.

ममता ने कहा, "मैं नाम नहीं लूंगी. हमने हेलीकॉप्टर कंपनी से अनुबंध किया था. हमने एडवांस बुकिंग की थी, 15 जनवरी को अनुबंध किया था. यह दुखद है कि कंपनी ने हमें 1 फरवरी को बताया कि वह हेलीकॉप्टर प्रदान नहीं कर सकेगी." हालांकि हेलीकॉप्टर कंपनी की ओर से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया.

इससे पहले, ममता ने कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और सीबीआई को कुमार की गिरफ्तारी न करने के निर्देश को 'नैतिक जीत' करार दिया. शीर्ष न्यायालय ने कुमार को सारदा चिट फंड घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो के समक्ष 'आपसी सहमति वाले स्थान' पर पेश होने को कहा है, साथ ही सीबीआई को कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी समेत कोई भी कड़ी कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है. 

ममता बनर्जी ने अपने धरनास्थल पर मीडिया से कहा, "यह हमारी नैतिक जीत है. हमने कहा है कि हम न्यायपालिका और संस्थानों का पूरा सम्मान करते हैं. यह आदेश पहले भी पारित किया गया था कि वे एक आपसी सहमति वाले स्थान पर परस्पर बात कर सकते हैं. हम इस फैसले के आभारी हैं."

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