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ममता बनर्जी ने 'कविता' के जरिये केंद्र सरकार पर बोला हमला

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी विदेश यात्राएं रद्द होने के लिए बीजेपी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कविताओं के जरिए निशाना साधा

ममता बनर्जी ने 'कविता' के जरिये केंद्र सरकार पर बोला हमला
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)

कोलकाता (कमलिका सेनगुप्‍ता): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी विदेश यात्राएं रद्द होने के लिए मंगलवार को बीजेपी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कविताओं के जरिए निशाना साधते हुआ कहा कि उनका चीन का दौरा ‘राजनीतिक कूटनीति’ के कारण रद्द हुआ जबकि शिकागो की यात्रा की उनकी इच्छा ‘धार्मिक एकाधिकार’ के कारण पूरी नहीं हुई. ममता स्वामी विवेकानंद के अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन में दिए गए मशहूर भाषण के 125 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में वहां की यात्रा करना चाहती थी.

असम राष्ट्रीय नागरिक पंजी के मुद्दे पर कविता के जरिए भाषण की आलोचना करने के एक दिन बाद ममता ने मंगलवार को अपने फेसबुक पेज पर दो और कविताएं डालीं. इन कविताओं में उन्होंने चीन, शिकागो और दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज की अपनी प्रस्तावित यात्राएं रद्द होने के लिए भगवा दल को जिम्मेदार ठहराया. अंग्रेजी में लिखी कविता ‘अनटचेबल’ और बंगाली कविता ‘नाम नेई’ (नाम नहीं) के साथ ममता के हस्ताक्षर भी थे.

उनकी ‘अनटचेबल’ कविता इस तरह थी: ‘‘डू यू वांट टू गो टू चाइना, नो कमेंट्स प्लीज. पॉलिटिकल डिप्लोमसी कैंसल्ड इट’’ यानि आप अमेरिका जाना चाहती हैं, कृपया कोई टिप्पणी ना करें. राजनीतिक कूटनीति के कारण यह रद्द हो गयी.

इसी तरह आगे जो लिखा गया, हिंदी में वह कुछ तरह था, ‘स्वामी विवेकानंद के भाषण के 125 साल पूरे होने के मौके पर शिकागो जाना चाहती हैं. धार्मिक एकाधिकार ने वह रास्ता बंद कर दिया.’  अपनी बंगाली कविता में ममता ने कुछ यूं लिखा, ‘आप कहां जाते हैं? डिजिटल हो जाएं. एटीएम आगे बढ़ रहा है. आधार कार्ड में नाम डलवाएं.’