बंगाल में अल्‍पसंख्‍यकों का हाल सबसे बुरा, ममता बताएं बीजेपी ने वहां 18 सीटें कैसे जीतीं: ओवैसी

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के वार पर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने पलटवार किया है.

बंगाल में अल्‍पसंख्‍यकों का हाल सबसे बुरा, ममता बताएं बीजेपी ने वहां 18 सीटें कैसे जीतीं: ओवैसी

नई दिल्‍ली: पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के वार पर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने पलटवार किया है. पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने असदुद्दीन ओवैसी पर हमला बोलते हुए अल्‍पसंख्‍यकों को उनसे सतर्क रहने की सलाह दी. ममता बनर्जी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि एक राजनीतिक दल है. ठीक उसी तरह जिस तरह हिंदुओं में कुछ कट्टरवादी हैं, उसी तरह अल्‍पसंख्‍यकों में भी कट्टरवादी हैं. ये लोग बीजेपी से पैसा लेते हैं. ये यहां नहीं रहते. ये हैदराबाद में रहते हैं. वे यहां आएंगे और कहेंगे कि मैं आपको सुरक्षा दूंगा. मेरा अल्‍पसंख्‍यक बंधुओं से आग्रह है कि कृपया उनके जाल में न फंसें.

इस पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने कहा कि बंगाल में अल्‍पसंख्‍यक सबसे बुरे हाल में हैं. क्‍या यह कहा जाना धार्मिक कट्टरवाद है कि अल्‍पसंख्‍यकों के संबंध में किसी भी पैमाने पर बंगाल के मुस्लिमों के हालात सबसे बदतर हैं? यदि दीदी को हम हैदराबाद के कुछ लोगों से परेशानी है तो वो बताएं कि बंगाल की 42 सीटों में से 18 सीटें बीजेपी ने कैसे जीतीं. उल्‍लेखनीय है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में बीजेपी को 42 सीटें मिलीं.

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इसके साथ ही ओवैसी ने जोड़ा कि मेरे खिलाफ आरोप लगाकर आप बंगाल के मुस्लिमों को ये संदेश देना चाहती हैं कि ओवैसी की पार्टी राज्‍य में एक बड़ी ताकत बन गई है. ममता बनर्जी ने ऐसी टिप्‍पणियां कर अपनी भय और निराशा को जाहिर किया है.  

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दरअसल हाल ही में एआईएमआईएम के पोस्टर पश्चिम बंगाल के कूचबिहार ज़िले में भी देखे गए जिसमें असदुद्दीन ओवैसी की एक बड़ी सी तस्वीर नज़र आ रही है. इन पोस्टरों के नीचे लिखा है -'इंतज़ार अब ख़त्म, मिशन पश्चिम बंगाल.' इससे यह तो साफ़ हो गया है कि अब ओवैसी की पार्टी बंगाल की ज़मीन पर अपने पैर रखने जा रही है. इसके साथ ही एआईएमआईएम अब बंगाल में अपनी पार्टी से जुड़ने के लिए सदस्यों को जोड़ने की कोशिश करेगी और इसी के डर से लगता है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने नेता, कार्यकर्ताओं को सतर्क कर रही हैं.