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मोदी मंत्र‍िमंडल में जगह नहीं बना सकीं मेनका गांधी बन सकती हैं लोकसभा की अस्थायी अध्यक्ष

आठ बार की सांसद मेनका को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है. इस बार वह उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर लोकसभा सीट से निर्वाचित हुई हैं. मेनका इससे पहले की मोदी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री थीं.

मोदी मंत्र‍िमंडल में जगह नहीं बना सकीं मेनका गांधी बन सकती हैं लोकसभा की अस्थायी अध्यक्ष

नई दिल्ली: भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी 17वीं लोकसभा में अस्थायी अध्यक्ष (प्रो-टेम स्पीकर) बन सकती हैं. सूत्रों ने बताया कि आठ बार की सांसद मेनका को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है. इस बार वह उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर लोकसभा सीट से निर्वाचित हुई हैं. मेनका इससे पहले की मोदी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री थीं. लोकसभा का अस्थायी अध्यक्ष सदन के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाता है. उसी के तहत ही लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव भी होता है.

इससे पहले बरेली से सांसद संतोष गंगवार के प्रोटेम स्‍पीकर बनने की खबर सामने आई थी. गुरुवार को उन्‍होंने पीएम मोदी के मंत्रिमंडल के साथ राज्‍यमंत्री स्‍वतंत्र प्रभार की पद और गोपनीयता की शपथ ली.  

17वीं लोकसभा में होगी सर्वाधिक महिला सांसदों की नुमाइंदगी
17वीं लोकसभा के विजयी उम्मीदवारों में महिलाओं की कुल संख्या 78 है. महिला सांसदों की अब तक की इस सर्वाधिक भागीदारी के साथ ही नई लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या कुल सदस्य संख्या का 17 प्रतिशत हो जाएगी. महिला सांसदों की सबसे कम संख्या नौवीं लोकसभा में 28 थी.

चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा की 542 सीटों के लिये शुक्रवार को घोषित पूर्ण परिणाम के आधार पर सर्वाधिक 40 महिला उम्मीदवार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीती हैं. वहीं कांग्रेस के टिकट पर सिर्फ पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने महिला उम्मीदवार के रूप में रायबरेली से जीत दर्ज की है.

इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शिकस्त देकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. मोदी सरकार की केन्द्रीय मंत्रियों में अपनी लोकसभा सदस्यता बरकरार रखने वालों में मेनका गांधी सुल्तानपुर से और अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से ‘अपना दल’ उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीती हैं. साथ ही भाजपा उम्मीदवार हेमा मालिनी मथुरा से, प्रज्ञा ठाकुर भोपाल से, मीनाक्षी लेखी नई दिल्ली से, किरण खेर चंडीगढ़ से और रीता बहुगुणा जोशी इलाहाबाद से जीतने वाली प्रमुख भाजपा सांसद हैं.

लोकसभा चुनाव में कुल 8049 उम्मीदवार मैदान में थे. इनमें 724 महिला उम्मीदवार थीं. मौजूदा लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 64 है. इनमें से 28 मौजूदा महिला सांसद चुनाव मैदान में थी. चुनाव हारने वाली प्रमुख महिला उम्मीदवारों में कन्नौज से सपा सांसद डिंपल यादव, रामपुर से भाजपा उम्मीदवार जयाप्रदा शामिल हैं. कांग्रेस ने सर्वाधिक, 54 और भाजपा ने 53 महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था.

अन्य राष्ट्रीय पार्टियों में, बसपा ने 24, तृणमूल कांग्रेस ने 23, माकपा ने 10, भाकपा ने चार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा था. वहीं निर्दलीय महिला उम्मीदवारों की संख्या 222 थी. चार ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने भी बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा. चुनाव हारने वाली महिला उम्मीदवारों में आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार मुनमुन सेन, सिलचर से सांसद कांग्रेस की सुष्मिता देव, सुपौल से सांसद कांग्रेस की रंजीत रंजन शामिल हैं.