'मन की बात' में पीएम मोदी का राष्ट्र को संदेश, 'दिवाली पर खरीददारी मतलब वोकल फॉर लोकल'
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'मन की बात' में पीएम मोदी का राष्ट्र को संदेश, 'दिवाली पर खरीददारी मतलब वोकल फॉर लोकल'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (Narendra Modi) कहा कि कश्मीर के कुपवाड़ा में रहने वाली बहनें भारतीय सेना के लिए तिरंगा झंडा सिल रही हैं. मैं इन बहनों के जज्बे की सराहना करता हूं.

'मन की बात' में पीएम मोदी का राष्ट्र को संदेश, 'दिवाली पर खरीददारी मतलब वोकल फॉर लोकल'

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (Narendra Modi) आज (रविवार को) सुबह 11 बजे से रेडियो कार्यक्रम मन की बात (Mann Ki Baat) के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया. आज प्रधानमंत्री ने मन की बात के 82वें संस्करण को संबोधित किया. आज के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने सौ करोड़ वैक्सीनेशन (100 Crore Vaccination) के लिए देशवासियों को बधाई दी.

100 करोड़ वैक्सीनेशन की देश को बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों आप सभी को नमस्कार. कोटि-कोटि नमस्कार. और मैं कोटि-कोटि नमस्कार इसलिए भी कह रहा हूं कि 100 करोड़ वैक्सीन डोज के बाद आज देश नए उत्साह, नई ऊर्जा से आगे बढ़ रहा है.

भारत के सामर्थ्य को दिखाती है वैक्सीन कार्यक्रम की सफलता

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे वैक्सीन कार्यक्रम की सफलता भारत के सामर्थ्य को दिखाती है. सबके प्रयास के मंत्र की शक्ति को दिखाती है. साथियों 100 करोड़ वैक्सीन डोज का आंकड़ा बहुत बड़ा जरूर है, लेकिन इससे लाखों छोटी-छोटी प्रेरक और गर्व से भर देने वाले अनेक अनुभव और अनेक उदाहरण जुड़े हुए हैं. मुझे ये दृढ़ विश्वास इसलिए था क्योंकि मैं अपने देश, अपने देश के लोगों की क्षमताओं से भली-भांति परिचित हूं. मैं जानता था कि हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स (Healthcare Workers) देशवासियों के टीकाकरण में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने अथक परिश्रम और संकल्प से एक नई मिसाल पेश की. उन्होंने Innovation के साथ अपने दृढ़ निश्चय से मानवता की सेवा का एक नया मानदंड स्थापित किया. उत्तराखंड के बागेश्वर में शत प्रतिशत पहला डोज लगाने का काम पूरा कर दिया गया है. उत्तराखंड सरकार भी इसके लिए अभिनंदन की अधिकारी है क्योंकि ये बहुत दुर्गम और कठिन क्षेत्र है.

पीएम मोदी ने लौहपुरुष को किया नमन

पीएम मोदी ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों आप जानते हैं कि अगले रविवार, 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जन्म जयंती है. ‘मन की बात’ के हर श्रोता की तरफ से और मेरी तरफ से मैं लौहपुरुष को नमन करता हूं. साथियों 31 अक्टूबर को हम ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाते हैं. हम सभी का दायित्व है कि हम एकता का संदेश देने वाली किसी-न-किसी गतिविधि से जरूर जुड़ें.

पीएम मोदी ने किया एकता दिवस मनाने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने देखा होगा हाल ही में गुजरात पुलिस ने कच्छ के लखपत किले से Statue of Unity तक बाइक रैली निकाली है. त्रिपुरा पुलिस के जवान तो एकता दिवस मनाने के लिए त्रिपुरा से Statue of Unity तक बाइक रैली कर रहे हैं. यानी पूरब से चलकर पश्चिम तक देश को जोड़ रहे हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान भी उरी से पठानकोट तक ऐसी ही बाइक रैली निकालकर देश की एकता का संदेश दे रहे हैं. मैं इन सभी जवानों को नमन करता हूं.

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के ही कुपवाड़ा जिले की कई बहनों के बारे में भी मुझे पता चला है. ये बहनें कश्मीर में सेना और सरकारी दफ्तरों के लिए तिरंगा सिलने का काम कर रही हैं. ये काम देशभक्ति की भावना से भरा हुआ है. मैं इन बहनों के जज्बे की सराहना करता हूं. आपको भी भारत की एकता के लिए, भारत की श्रेष्ठता के लिए कुछ-न-कुछ जरूर करना चाहिए. देखिएगा आपके मन को कितनी संतुष्टि मिलती है.

पीएम मोदी ने कहा कि अमृत महोत्सव में भी अपनी कला, संस्कृति, गीत और संगीत के रंग अवश्य भरने चाहिए. मुझे भी आपकी तरफ से अमृत महोत्सव और गीत-संगीत-कला की इस ताकत से जुड़े ढेरों सुझाव आ रहे हैं. ये सुझाव, मेरे लिए बहुत मूल्यवान हैं. मैंने इन्हें संस्कृति मंत्रालय को अध्ययन के लिए भेजा था. मुझे खुशी है कि मंत्रालय ने इतने कम समय में इन सुझावों को बड़ा गंभीरता से लिया और उस पर काम भी किया. इन्हीं में से एक सुझाव है, देशभक्ति के गीतों से जुड़ी प्रतियोगिता.

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्यारे देशवासियों इस समय हम अमृत महोत्सव में देश के वीर बेटे-बेटियों को उन महान पुण्य आत्माओं को याद कर रहे हैं. अगले महीने 15 नवंबर को हमारे देश के ऐसे ही महापुरुष, वीर योद्धा, भगवान बिरसा मुंडा की जन्म-जयंती आने वाली है. भगवान बिरसा मुंडा को ‘धरती आबा’ भी कहा जाता है. क्या आप जानते हैं कि इसका अर्थ क्या होता है? इसका अर्थ है धरती पिता. भगवान बिरसा मुंडा ने जिस तरह अपनी संस्कृति, अपने जंगल, अपनी जमीन की रक्षा के लिय संघर्ष किया, वो धरती आबा ही कर सकते थे. उन्होंने हमें अपनी संस्कृति और जड़ों के प्रति गर्व करना सिखाया. विदेशी हुकूमत ने उन्हें कितनी धमकियां दीं, कितना दबाव बनाया, लेकिन उन्होनें आदिवासी संस्कृति को नहीं छोड़ा.

पीएम मोदी ने कहा कि अक्टूबर का महीना त्योहारों के रंगों में रंगा रहा है और अब से कुछ दिन बाद दिवाली तो आ ही रही है. दिवाली, उसके बाद फिर गोवर्धन पूजा फिर भाई-दूज, ये तीन त्योहार तो होंगे ही होंगे. इसी दौरान छठ पूजा भी होगी. नवंबर में ही गुरुनानक देव की जयंती भी है. आप सभी अभी से खरीददारी का प्लान करने लगे होंगे, लेकिन आपको याद है न, खरीददारी मतलब 'वोकल फॉर लोकल'.

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