भारत के Covid-19 वैक्सीन प्रोग्राम की दुनियाभर में चर्चा, कई देशों के राजदूत करेंगे दौरा

रूस, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे कई देशों के राजदूत भारत के COVID-19 वैक्सीन विकास कार्यक्रम को देखने के लिए 4 दिसंबर को पुणे आ रहे हैं. 

भारत के Covid-19 वैक्सीन प्रोग्राम की दुनियाभर में चर्चा, कई देशों के राजदूत करेंगे दौरा
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्लीः इस वक्त दुनियाभर के लोग कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) का इंतजार कर रहे हैं. तमाम देशों में कोविड-19 वैक्सीन का परीक्षण जारी है, भारत में भी कोरोना के टीके का परीक्षण आखिरी चरण में है. इस बात की जानकारी खुद पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के विभिन्न राज्यों के साथ वर्चुअल मीटिंग में दी थी. पीएम ने मंगलवार को कहा कि वैक्सीन का काम आखिरी चरण में पहुंचा चुका है. अभी डोज की मात्रा तय नहीं हुई है और न ही वैक्सीन की कीमत को लेकर कोई जानकारी है. इसी बीच खबर है कि बहुत जल्द कई देशों के राजदूत पुणे में वैक्सीन प्रोग्राम को देखने आ रहे हैं. 

4 दिसंबर को पुणे आएंगे कई राजदूत
जानकारी मिली है कि रूस, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे कई देशों के राजदूत भारत के COVID वैक्सीन विकास कार्यक्रम को देखने के लिए 4 दिसंबर को पुणे आ रहे हैं. तमाम देशों के राजदूतों की एक दिवसीय यात्रा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित की गई है जिसमें सभी राजदूत पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute) और जेनोवा बायोफर्मासिटिकल (Gennova Biopharmaceuticals) का दौरा करेंगे. राजदूतों के भारत दौरे का उद्देश कोविड-19 वैक्सीन की मैन्युफैक्चरिंग करने वाली फार्मा कंपनियों और वैक्सीन बनाने वाले वैज्ञानिकों के काम को देखना है. 

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इन कंपनियों के साथ वैक्सीन पर काम कर रहा सीरम
आपको बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute) और जेनोवा बायोफर्मासिटिकल (Gennova Biopharmaceuticals) की यह यात्रा विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला (Foreign Secretary Harsh Shringla) की दिल्ली में इस महीने की शुरुआत में कई राजदूतों के साथ मुलाकात के प्रमुख परिणामों में से एक है. बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट (Serum Institute Of India) ने ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) की कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड के साथ साझेदारी की है. इनमें कोविशील्ड के टीके का परीक्षण चल रहा है जबकि जेनोवा mRNA आधारित वैक्सीन पर काम कर रही है. एस्ट्राजेनेका और कोविशील्ड बिना किसी शारीरिक दुष्प्रभाव के 90% तक प्रभावी हो सकती है. ब्राजील और ब्रिटेन में हुए परीक्षणों के आधार पर कंपनी ने यह दावा किया है. 

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दुनिया के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरर्स में से एक भारत
भारत दुनियाभर में वैक्सीन बनाने वाले सबसे बड़े मैन्युफैक्चरर्स में से एक है. COVID महामारी के बीच, भारत 150 से अधिक देशों में HCQ, पेरासिटामॉल जैसी दवाओं की आपूर्ति करने वाली दुनिया का फार्मा कैपिटल बनकर उभरा है. बात अगर कोविड-19 वैक्सीन की करें तो भारत के पास करीब 3 अरब डोज तक की पहुंच है, जो दुनिया में सबसे बड़े आंकड़ों में से एक है.  

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