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इस कांग्रेस नेता ने कहा, 'पार्टी के सभी पदाधिकारी दें इस्तीफा, तभी राहुल गांधी कर सकेंगे फेरबदल'

रेड्डी ने राहुल गांधी के इस्तीफे के प्रस्ताव को खारिज करने के सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव का “खुले दिल से” स्वागत किया. 

इस कांग्रेस नेता ने कहा, 'पार्टी के सभी पदाधिकारी दें इस्तीफा, तभी राहुल गांधी कर सकेंगे फेरबदल'
फाइल फोटो

हैदराबाद: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम शशिधर रेड्डी ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस केन्द्रीय कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्यों और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के पदाधिकारियों को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी में पूरी तरह से फेरबदल करने के लिये खुली छूट देने के लिये अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने यहां पीटीआई-भाषा को बताया, “सीडब्ल्यूसी ने खुद एक प्रस्ताव पारित कर आत्ममंथन का आह्वान किया और कहा कि पार्टी का हर स्तर पर पुनर्गठन होना चाहिए और चुस्त दुरुस्त बनाया जाना चाहिए. ऐसी कवायद की शुरुआत शीर्ष से होनी चाहिए.” 

उन्होंने कहा, “आप जमीनी स्तर से यह शुरू नहीं कर सकते. एक बार जब आप शीर्ष से शुरुआत करते हैं तो यह लोगों को भरोसा देती है कि हां, कांग्रेस पार्टी स्थिति का जायजा ले रही है और कार्यसमिति के प्रस्ताव को अमल में लाया जा रहा है.” पूर्व विधायक रेड्डी ने कहा कि अन्यथा यह एक सामान्य कवायद ही नजर आएगी. रेड्डी ने राहुल गांधी के इस्तीफे के प्रस्ताव को खारिज करने के सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव का “खुले दिल से” स्वागत किया. 

 

वहीं, खबर है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने इस्तीफे के फैसले से पीछे नहीं हटेंगे. उन पर इस्तीफा वापस ना लेने के लिए दबाव ना डाला जाए. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल से सोमवार को पार्टी के सीनियर नेता केसी वेणुगोपाल और अहमद पटेल से मुलाकात की. राहुल ने साफ कर दिया कि वह पार्टी अध्यक्ष नहीं बने रहना चाहते. इसलिए उनका रिप्लेसमेंट खोज लिया जाए. नया अध्यक्ष कोई नॉन गांधी होना चाहिए.

राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं से प्रियंका गांधी का नाम भी ना चलाने को कहा है. दरअसल राहुल गांधी की नाराजगी इस बात को लेकर है कि उनके प्रचार अभियान के दौरान सीनियर नेता खामोशी से बैठे रहे या भितरघात करते रहे. उन्होंने पार्टी को चुनाव जिताने में मदद नहीं की. उनकी नाराज़गी नवनिर्वाचित मुख्यमंत्रियों कमलनाथ और अशोक गहलोत के अलावा एक दर्जन सीनियर कांग्रेस नेताओं से है.

राहुल गांधी इस बात से भी नाराज हैं कि तमाम प्रदेशों के कांग्रेस अध्यक्ष के अपने करीबियों को टिकट दिलाने के लिए जोड़-तोड़ करते रहे. पार्टी के लिए जितनी मजबूती से प्रचार करना चाहिए था उतना नहीं किया. उनकी नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि जब पार्टी की करारी हार हुई तो भी किसी भी प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफे का प्रस्ताव नहीं किया. जब उन्होंने इस्तीफे का प्रस्ताव किया उसके बाद ही प्रदेश अध्यक्षों ने इस्तीफ़े का प्रस्ताव किया.