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फारूक अब्दुल्ला के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे MDMK नेता वाईको, लगाई हैबियस कॉर्पस याचिका

'जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी करने के सरकार के फैसले के बाद से फारूक अब्दुल्ला से संपर्क नहीं हो पा रहा है.'

फारूक अब्दुल्ला के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे MDMK नेता वाईको, लगाई हैबियस कॉर्पस याचिका

नई दिल्लीः जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद कि गए जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला के लिए एमडीएमके नेता वाईको ने सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की है. इस याचिकी में वाइको ने कहा है, 'अब्दुल्ला उनके निमंत्रण पर 15 सितम्बर को होने वाले चेन्नई में पूर्व CM अन्नादुरई के जनमदिवस समारोह में शामिल होने के लिए तैयार हो गए थे. लेकिन जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी करने के सरकार के फैसले के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.'

अपनी याचिका में वाइको ने आगे लिखा है, 'फारूक अब्दुल्ला को गैर क़ानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया है.' वाईको ने याचिका में लिखा है कि उन्होंने फारूक अब्दुल्ला से मिलने की इजाजत भी कश्मीर अथॉरिटी से मांगी थी लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को निर्देश दे कि वो फारूक अब्दुल्ला को पेश करे ताकि वो चेन्नई में इस समारोह में शामिल हो सके.

बता दें कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद 6 अगस्त को मीडिया के सामने आए फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि गृहमंत्री ने संसद में झूठ बोला है कि मुझे हाऊस अरेस्ट नहीं रखा गया है. उन्होंने झूठ बोला है कि मैं अपनी मर्जी से अपने घर में हूं. बता दें इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा कि फारूक अब्दुल्ला को हाउस अरेस्ट नहीं किया गया है.

अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर पर संसद में लाए गए बिल को अंसवैधानिक बताया था और कहा कि बिल के खिलाफ वह अदालत जाएंगे. उन्होंने कहा, जैसे ही दरवाजे खुलेंगे हम बार आएंगे हम लड़ेंगे, हम अदालत जाएंगे. हम बंदूक थामे नहीं है, न हम ग्रेनेड फेंकने वाले हैं, हम शांतिपूर्ण समाधान में यकीन रखते हैं. वे हमारी हत्या करना चाहते हैं, मेरा बेटा जेल में है.

अब्दुल्ला ने कहा, हम हर मुद्दे का समाधान शांति से चाहते हैं, बिल के खिलाफ कोर्ट जाएंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि गृहमंत्री अमित शाह झूठ बोलेंगे. उन्होंने कहा, 'मैं अपनी मर्जी से घर पर क्यों बैठूंगा, जब मेरा राज्य जल रहा है, जब मेरे लोगों को जेल में डाला जा रहा है . यह वह भारत नहीं है जिसमें मैं यकीन करता था. '