close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मेघालय : एक खनिक शव निकाला गया, खदान में फंसे 14 खनिकों की तलाश जारी

पिछले वर्ष 13 दिसम्बर को 15 खनिक पानी से भरे एक खदान में फंस गए थे. 

मेघालय : एक खनिक शव निकाला गया, खदान में फंसे 14 खनिकों की तलाश जारी
370 फुट गहरे खदान में रिमोट संचालित मानवरहित वाहन के माध्यम से खनिक के शव का पता 16 जनवरी को चला था. (फोटो साभार - IANS)

सरीफुद्दीन अहमद. गुवाहटी: मेघालय के पूर्वी जयंतिया पहाड़ी जिले में 370 फुट गहरी कोयला खदान में 13 दिसम्बर 2018 से फंसे 15 खनिकों के शवों में से एक शव को भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ ने गुरुवार को निकाल लिया. अधिकारियों ने बताया कि पानी के अंदर रोबोट वाले वाहन का इस्तेमाल कर अन्य लापता खनिकों के लिए तलाशी अभियान जारी है.

पिछले वर्ष 13 दिसम्बर को 15 खनिक पानी से भरे एक खदान में फंस गए थे. इस घटना से मेघालय में अवैध कोयला खनन की तरफ पूरे देश का ध्यान आकर्षित हुआ था, जबकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इस पर प्रतिबंध लगाया हुआ है. 370 फुट गहरे खदान में रिमोट संचालित मानवरहित वाहन के माध्यम से खनिक के शव का पता 16 जनवरी को चला था.

अभियान के प्रवक्ता आर. सुसंगी ने बताया, 'भारतीय नौसेना ने एनडीआरएफ के साथ मिलकर आज सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक चले अभियान में शव को बाहर निकाला.' राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की तरफ से जारी बयान के मुताबिक,'सारी बाधाओं और हमारे प्रयासों के बाद खदान से एक शव को बाहर निकाला गया.' 

पिछले 41 दिनों से एनडीआरएफ एसडीआरएफ उड़ीसा से आई अग्निशमन की टीम नेवी की एक टीम लगातार कर रही है. गुरुवार को तलाशी अभियान में लगी टीम को सफलता हाथ लगी गुरुवार दोपहर खदान में फंसे 15 श्रमिकों में से एक अज्ञात श्रमिक का शव बरामद किया गया है. असम की राजधानी गुवाहाटी से 69 सदस्यीय प्रथम बटालियन एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व अन्य एजेंसियों की टीम खदान में फंसे श्रमिकों की तलाश के लिए 14 दिसंबर की सुबह से अभियान चला रही थी. 

उल्लेखनीय है कि मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के साइपुंग थानांतर्गत कसान गांव में लाइटेन नदी के नजदीक एक गहरी अवैध कोयले की खदान में अचानक पानी भर जाने से कुल 15 श्रमिक फंस गए थे. यह घटना 13 दिसंबर को घटी जबकि खदान के बाहर काम कर रहे अन्य श्रमिकों को जैसे ही खदान में पानी भरने की जानकारी मिली तो वे वहां फरार हो गए.

(इनपुट भाषा से भी)