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महबूबा मुफ्ती बोलीं, 'कश्मीर की पहचान के लिए एकजुट हों सभी राजनीतिक दल'

जम्‍मू-कश्‍मीर में अमरनाथ यात्रा पर प्रशासन की नई एडवाइजरी में कहा गया है कि यात्रा समय से पहले खत्‍म की जा सकती है. जो लोग घाटी में हैं, वह वापस लौटें. 

महबूबा मुफ्ती बोलीं, 'कश्मीर की पहचान के लिए एकजुट हों सभी राजनीतिक दल'
महबूबा मुफ्ती ने अपने बयान में कहा कि अगर घाटी में सब कुछ सही है तो, यह एडवायजरी क्यों जारी की गई. (फोटो:ANI)

श्रीनगर: जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकी खतरे के मद्देनजर भारी संख्या में की गई जवानों की तैनाती और प्रशासन की हालिया एडवायजरी के बाद से ही राज्य में राजनीति गरमा गई है. इस मामले पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने एकबार फिर से केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है. महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घाटी में अराजकता फैलाई जा रही है. महबूबा ने जम्मू-कश्मीर की पहचान को बचाने के लिए सभी मुख्यधारा के राजनीतिक दलों से एक होने की अपील की है.

महबूबा मुफ्ती ने अपने बयान में कहा कि अगर घाटी में सब कुछ सही है तो, यह एडवायजरी क्यों जारी की गई. उन्होंने कहा कि एनआईटी के छात्रों से क्यों जाने को कहा जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन सबकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है. वहीं, महबूबा मुफ्ती ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को एक साथ आना चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे केंद्र सरकार को एक संदेश जाएगा कि जम्मू-कश्मीर की अलग पहचान के साथ वह खिलौने की तरह नहीं खेल सकते हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल जो राज्य में हो रहा है, उससे लोगों में दहशत है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र सरकार इस विषय में कुछ भी साफ तौर नहीं कह रही है.  

 

 

इससे पहले जम्‍मू-कश्‍मीर में अमरनाथ यात्रा पर प्रशासन की नई एडवाइजरी में कहा गया है कि यात्रा समय से पहले खत्‍म की जा सकती है. जो लोग घाटी में हैं, वह वापस लौटें. इस एडवाइजरी के बाद जम्‍मू कश्‍मीर के मुख्‍य दल पीडीपी और नेशनल कॉन्‍फ्रेंस ने सख्‍त ऐतराज जताया है. उन्‍होंने कहा है कि इससे डर का माहौल बना है.

हाल ही में महबूबा ने कहा था कि इस्‍लाम में हाथ जोड़ना हराम है, लेकिन फिर भी मैं हाथ जोड़कर सरकार से कहती हूं कि कश्‍मीरियों से उनकी पहचान मत छीनिए. पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने इस एडवाइजरी के जारी होने के बाद श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की थी. उन्‍होंने कहा था कि मैंने 70 साल में घाटी में डर और भय का ऐसा माहौल नहीं देखा. प्रशासन की इस एडवाइजरी ने घाटी में डर का माहौल बना दिया है. महबूबा ने कहा था कि जैसा डर अभी फैला है, वैसा उन्‍होंने कभी नहीं देखा. एक तरफ राज्‍यपाल कह रहे हैं कि यहां पर हालात सामान्‍य हैं, वहीं दूसरी केंद्र सरकार यहां पर लगातार सैनिकों की संख्‍या बढ़ा रही है.

प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम कश्‍मीरियों का दिल जीतेंगे. लेकिन इस तरह की अफवाहों का यहां क्‍या काम. आपके यात्री तो वापस चले जाएंगे, लेकिन जम्‍मू-कश्‍मीर के लोग कहां जाएंगे. वहीं, कश्‍मीर के डिवीजनल कमि‍श्‍नर ने कहा था कि नई एडवाइजरी के बाद कहीं भी कर्फ्यू नहीं लगाया गया है. घाटी में शनिवार को स्‍कूल सामान्‍य तरीके से खुलेंगे. हमें शांति व्‍यवस्‍था बनाए रखनी है. गृह मंत्रालय ने जो एडवायजरी जारी की है, वह उन्‍होंने अपने इनपुट के आधार पर जारी की है.