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अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को नहीं पता, देश में कितनी है अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी की संख्या

जिन नौ यूनिवर्सिटीज को अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी होने का सर्टिफिकेट मिला हुआ है, उसमें 3 यूनिवर्सिटीज डीम्ड है.

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को नहीं पता, देश में कितनी है अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी की संख्या
फाइल फोटो

नई दिल्ली: भारत सरकार का अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय नहीं जानता कि देश में इस वक़्त कितनी अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त यूनिवर्सिटी चल रही हैं. इस सिलसिले में 7 सांसदों ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय से सवाल पूछा था, जिसका लिखित जवाब मंत्रालय ने संसद में दिया. मंत्रालय ने कहा कि इसकी जानकारी के लिए सही मंत्रालय मानव संसाधन मंत्रालय है. एमएचआरडी से जानकारी के बाद ही इसकी जानकारी दी जाएगी. 

अपने जवाब में मंत्रालय ने संसद को ये भी बताया कि देश में अभी कोई भी अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी बनाने का मंत्रालय का कोई भी प्लान नहीं है. जिन सांसदों ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय से यह सवाल पूछा था उनमें सुप्रिया सुले, जयकुमार जयवर्धन, पीआर सुंदरम, धनन्जय भीमराव शामिल थे. 

अब सवाल ये है कि क्या ये जानकारी बहुत मुश्किल काम है. इसका जवाब है बिल्कुल नहीं. देश में कितनी यूनिवर्सिटी अल्पसंख्यक दर्जे वाली है इसका पता NCMEI (National Commission For Minorities Education Institution) की वेबसाइट पर जाकर आसानी से लगाया जा सकता है. NCMEI जिस यूनिवर्सिटी या संस्थान को अल्पसंख्यक दर्जे का सर्टिफिकेट देता है उसे ही अल्पसंख्यक संस्थान माना जाता है. मौजूदा दौर में देश में नौ यूनिवर्सिटीज को अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया हुआ है. इसके अलावा 13 हज़ार से ज़्यादा देशभर में संस्थानों को अल्पसंख्यक संस्थान का सर्टिफिकेट NCMEI ने दिया हुआ है.

जिन नौ यूनिवर्सिटीज को अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी होने का सर्टिफिकेट मिला हुआ है, उसमें 3 यूनिवर्सिटीज डीम्ड है. इनमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी भी शामिल है, जिसके अल्पसंख्यक दर्जे का मुद्दा हाईकोर्ट में है. अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय इस सवाल का जवाब आसानी से दे सकता है और NCMEI से कुछ ही मिनटों में शायद इसकी जानकारी मिल सकती थी. लेकिन, ऐसा क्यों नहीं हो पाया ये एक सवाल हो सकता है.