मिजोरमः स्क्रब टाइफस बीमारी से पीड़ित पाए गए 150 लोग

राज्य एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. पछुऑ ललमलसावमा और विशेषज्ञों की एक टीम ने थेन्जॉल का दौरा किया है.

मिजोरमः स्क्रब टाइफस बीमारी से पीड़ित पाए गए 150 लोग
इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द और कभी-कभी शरीर पर चकत्ते होना है.(फाइल फोटो)

आइजोलः मिजोरम के सरछिप जिले के थेन्जॉल कस्बे में कम से कम 152 लोग 'स्क्रब टाइफस' बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 'स्क्रब टाइफस' को 'बुश टाइफस' भी कहा जाता है जो ऑरेंटिया सुसुगामुशी नाम के कीटाणु की वजह से होती है. इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द और कभी-कभी शरीर पर चकत्ते होना है.

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अधिकारियों ने कहा कि यह बीमारी बीते साल नवंबर में फैलनी शुरू हुई थी. उन्होंने कहा कि राज्य एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. पछुऑ ललमलसावमा और विशेषज्ञों की एक टीम ने थेन्जॉल का दौरा किया है. वहां जीवाणु से प्रभावित संदिग्ध लोगों और मरीजों के लिये मुफ्त क्लीनिक खोला गया है. थेन्जॉल कस्बा राजधानी आइजोल से 90 किलोमीटर दूर है. उन्होंने कहा कि स्क्रब टाइफस से 2018 में थेन्जॉल में दो लोगों की मौत हुई है. अधिकारी ने कहा कि 2012 से अब तक इस बीमारी से 50 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 2,000 से ज्यादा लोग इससे पीड़ित हुए हैं.

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बता दें स्क्रब टाइफस नाम की यह बीमारी पिस्सुओं के काटने से होती है और डेंगू की ही तरह इस बीमारी में भी प्लेटलेट्स की संख्या घट जाती है. बता दें पिस्सू के काटने से इसके लारवा में मौजूद जीवाणु रिक्टशिया सुसुगामुशी व्यक्ति के खून में फैल जाता है, जिसके चलते लिवर, फेफड़े और दिमाग में संक्रमण फैलने लगता है. जिसके बाद यह मल्टी-ऑर्गन डिसऑर्डर तक पहुंच जाता है.

(इनपुट भाषा)