आंबेडकर, पटेल के साथ नेताजी को भी अपनाने चली बीजेपी, मनाएगी आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ

21 अक्‍टूबर को है आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ. 30 दिसंबर को पोर्ट ब्‍लेयर में झंडा फहराएंगे पीएम मोदी.

आंबेडकर, पटेल के साथ नेताजी को भी अपनाने चली बीजेपी, मनाएगी आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ
(फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली : केंद्र की मोदी सरकार बाबा साहेब आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ ही अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस की राह चलने की तैयारी कर रही है. 21 अक्‍टूबर को केंद्र की बीजेपी सरकार नेताजी द्वारा गठित आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ मनाएगी. इस उपलक्ष्‍य पर नई दिल्‍ली स्थित लालकिले में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन होगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सरकार के बड़े मंत्री और आजाद हिंद फौज से जुड़े लोग मौजूद रहेंगे.

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21 अक्‍टूबर को आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक संग्रहालय का उद्घाटन भी करेंगे. इस संग्रहालय में आजाद हिंद फौज और नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े सामान को रखा जाएगा. इस दौरान रिटायर सैन्य अधिकारी और आजाद हिंद फौज से जुड़े लोग मौजूद रहेंगे. 

इसके अलावा पीएम मोदी 30 दिसंबर को अंडमान और निकोबार के पोर्ट ब्लेयर भी जाएंगे. पोर्ट ब्लेयर में 75 साल पहले इसी दिन 1943 में पहली बार भारतीय जमीन पर सबसे पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने झंडा फहराया था. ये झंडा आजाद हिंद फौज का था. पीएम मोदी नेताजी द्वारा पहली बार भारतीय भूमि पर तिरंगा फहराए जाने की 75वीं सालगिरह पर पोर्टब्लेयर में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

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इस दिन की याद में पीएम मोदी वहां 150 फुट ऊंचा झंडा भी फहराएंगे. नेताजी की याद में पीएम मोदी एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे. उसके बाद पीएम सेलुलर जेल भी जाएंगे. उधर राजनीतिक गलियारे में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को सियासी टक्कर देने के लिए नेताजी को लेकर सरकार के इस कार्यक्रम को तुरुप के पत्ता के रूप में भी देखा जा रहा है.

बीजेपी पश्चिम बंगाल में न सिर्फ विधानसभा में ममता को टक्कर देने की रणनीति बना रही है बल्कि लोकसभा चुनाव में बंगाल से बड़ी संख्या में सीटे जितने की उम्मीद भी लगाए हुए है.