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मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ विश्वासघात किया: कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा कि नई बीजेपी सरकार ने आंध्र प्रदेश से किए गए विशेष राज्य के दर्जे का वादा तोड़ा है.’

मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ विश्वासघात किया: कांग्रेस
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जा देने के वादे को पूरा नहीं करके राज्य की जनता के साथ विश्वासघात किया है.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और बीेजेपी के लिए अब वो समय है कि वे कथनी और करनी में अंतर नहीं करें. उन्होंने एक बयान में दावा किया,‘संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार करना और जनता के साथ विश्वासघात करना बीेजेपी का पर्यायवाची बन गया है. नई बीेजेपी सरकार ने आंध्र प्रदेश से किए गए विशेष राज्य के दर्जे का वादा तोड़ा है.’

सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने संसद में यह वादा किया था कि  आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन इस सरकार ने वादे को पूरा नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश की जनता ने आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ विश्वासघात किया है.

पीएम ने नहीं दिए बुनियादी सवालों के जवाब
वहीं राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य के बाद कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि मोदी ने लंबा भाषण दिया और व्यंग्य भी किया, लेकिन उन बुनियादी सवालों के जवाब नहीं दिए जो विपक्ष ने उठाए थे. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति अभिभाषण के राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा में विपक्ष पर उच्च सदन में विधेयकों को पारित करने में व्यवधान डालने का आरोप लगाया.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने यह दावा किया कि प्रधानमंत्री का यह आरोप पूरी तरह गलत है कि राज्यसभा ने पिछले पांच वर्षों में कामकाज में रुकावट पैदा की. उन्होंने कहा कि सरकार को 2004 से 2014 के बीच की संसद की कार्यवाही का ब्यौरा जारी करना चाहिए ताकि यह पता हो सके कि कार्यवाही में किस तरह से व्यवधान डाले गए थे.

शर्मा ने कहा,‘प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में लंबा भाषण दिया और व्यंग्य भी किया, लेकिन उन बुनियादी सवालों के जवाब नहीं दिए जो हमने उठाए थे. किसानों के मुद्दों पर उन्होंने सदन को गुमराह किया. नेता प्रतिपक्ष की बात को उन्होंने गलत ढंग से पेश किया.’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री चाहते हैं कि लोकसभा जिस विषय पर जैसे मुहर लगा दे और उसी तरह राज्यसभा भी पारित कर दे तो यह संभव नहीं है.’